देश में अब पचास प्रतिशत स्थापित बिजली क्षमता गैर-पारम्परिक ईंधन स्रोतों से चालित है और भारत ने यह लक्ष्य निर्धारित समय से पांच वर्ष पूर्व ही हासिल कर लिया है।
यह उपलब्धि बताती है कि देश जलवायु परिवर्तन की रोकथाम और टिकाऊ विकास के प्रति संकल्पित है और स्वच्छ ऊर्जा को अपनाने की गति लगातार बढ़ रही है। नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रहलाद जोशी ने बताया कि भारत जलवायु समाधान की दिशा में एक नज़ीर पेश कर रहा है और लक्ष्य को पांच वर्ष पूर्व हासिल करना प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व की बात है।
प्रहलाद जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत स्वच्छ ऊर्जा को अपना कर एक बेहतर भविष्य का मार्ग प्रशस्त कर रहा है और यह दूरदर्शी नेतृत्व तथा उत्तरदायित्व के बोध के कारण संभव हुआ है। उन्होंने कहा कि पीएम-कुसुम, पीएम सूर्य घर, मुफ्त बिजली योजना, सौर पार्क विकास और राष्ट्रीय पवन-सौर हाइब्रिड नीति से स्वच्छ ऊर्जा को बल मिला है। प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन कम होने के बावजूद स्वच्छ ऊर्जा को अपनाने में हुई यह प्रगति मूल्यवान है और भारत जी-20 के उन चंद देशों में शामिल है जो जलवायु परिवर्तन की रोकथाम के अपने संकल्प को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
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