भारत और भूटान चार हजार 33 करोड रुपए की कुल लागत से सीमा पार दो रेल संपर्क स्थापित करने पर सहमत हुए हैं। इसमें कोकराझार-गेलेफू और बानरहाट-सामत्सी परियोजनाएं शामिल हैं। नई दिल्ली में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इन रेल परियोजनाओं में पूरा निवेश भारत द्वारा किया जाएगा।
भारत, भूटान का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। भूटान का अधिकांश व्यापार भारतीय बंदरगाहों के माध्यम से होता है। इसलिए भूटानी अर्थव्यवस्था के विकास के लिए और लोगों के लिए वैश्विक नेटवर्क तक पहुंच के बेहतर तरीके के लिए एक अच्छी और निर्बाध रेलवे कनेक्टिविटी होना बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है। इसीलिए यह पूरी परियोजना शुरू की गई हैं।
विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने भूटान की विदेश सचिव ओम पेमा चोडेन के साथ विचार-विमर्श किया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों पक्षों ने आपसी संबंधों के संपूर्ण आयाम की समीक्षा की और सहयोग के सभी प्रमुख क्षेत्रों में हुई प्रगति पर बातचीत की। इस दौरान, भारत और भूटान के बीच रेलवे संपर्क स्थापित करने के लिए एक अंतर-सरकारी समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।
बांग्लादेश आज 56वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। 26 मार्च, 1971 को आज के ही…
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा है कि ईरान ने भारत, चीन…
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा है कि पश्चिम एशिया संघर्ष का सबसे…
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोलियम और एलपीजी…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 28 मार्च 2026 को उत्तर प्रदेश का दौरा करेंगे। सुबह लगभग 11:30…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आंध्र प्रदेश के मार्कपुरम जिले में हुई दु:खद घटना पर गहरा…