भारत और चिली ने बुधवार को संयुक्त आयोग की एक बैठक आयोजित की और इस दौरान दोनों पक्षों ने व्यापार, निवेश, महत्वपूर्ण खनिजों, रक्षा, रेलवे, अंतरिक्ष तथा लोगों के बीच संबंधों में द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा की। विदेश मंत्री एस जयशंकर और चिली के विदेश मंत्री अल्बर्टो वान क्लावेरेन ने नयी दिल्ली में भारत-चिली संयुक्त आयोग की द्वितीय बैठक की सह-अध्यक्षता की।
एस जयशंकर ने अपने शुरुआती भाषण में कहा कि भारत ‘वॉयस ऑफ ग्लोबल साउथ’ शिखर सम्मेलन में चिली की भागीदारी को बहुत महत्व देता है। उन्होंने कहा, ‘‘हमने आपके राष्ट्रपति को सुना। उन्होंने अगस्त में शिखर सम्मेलन में बहुत ही व्यावहारिक टिप्पणियां कीं।’’ एस जयशंकर ने चिली के विदेश मंत्री और उनके साथ भारत आए प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया।
विदेश मंत्री ने कहा, ‘‘भारत-चिली संयुक्त आयोग की द्वितीय बैठक में आप सभी का यहां आना सचमुच मेरे लिए बड़ी खुशी की बात है। पहली मुलाकात हमने कुछ साल पहले की थी और वह कोविड-19 महामारी के समय में हुई थी, वह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई थी। इसलिए मुझे बहुत खुशी है कि हमें व्यक्तिगत रूप से मिलने का अवसर मिला है।’’ उन्होंने कहा,‘‘ भारत विस्तारित सुरक्षा परिषद में अपनी स्थायी सदस्यता को समर्थन देने के लिए चिली को धन्यवाद देता है।’’
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम एशिया क्षेत्र में शांति बहाल करने के लिए संवाद और…
सर्वोच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया है कि केवल हिंदू, सिख या बौद्ध धर्म के अनुयायी…
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने उस मीडिया रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लिया है, जिसमें बताया…
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने 24 मार्च,…
रेल मंत्रालय ने पश्चिमी और पूर्वी रेलवे में दो महत्वपूर्ण रेल अवसंरचना परियोजनाओं को मंजूरी…
भारत के औषधि नियंत्रक ने वजन घटाने वाली दवा (जीएलपी-1) की आपूर्ति श्रृंखला में नैतिक…