भारत और विश्व बैंक ने पारंपरिक ऋण देने के अतिरिक्त अपनी साझेदारी का विस्तार करने पर चर्चा की है जिसमें अवसंरचना संबंधी वित्तपोषण, डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे, पर्यटन और निजी पूंजी जुटाने पर विशेष ध्यान दिया गया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अमरीका के ऐशविले में जी-20 वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंकों के गवर्नरों की बैठक के दौरान विश्व बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा से मुलाकात की।
इस दौरान उन्होंने भारत में इस बहुपक्षीय निवेश गारंटी एजेंसी की बड़ी भूमिका पर चर्चा की। प्रस्तावित साझेदारी का उद्देश्य गारंटी के व्यवस्थित उपयोग और अधिक से अधिक निजी पूंजी जुटाने के माध्यम से देश के कॉर्पोरेट, बुनियादी ढांचे और नगरपालिका बॉन्ड बाजारों को मजबूत करना है। बैठक में भारत और विश्व बैंक की साझेदारी को मजबूत करने तथा संस्था के वित्तपोषण साधनों के उपयोग को व्यापक बनाने के तरीकों पर चर्चा हुई।
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