भारत और विश्व बैंक ने पारंपरिक ऋण देने के अतिरिक्त अपनी साझेदारी का विस्तार करने पर चर्चा की है जिसमें अवसंरचना संबंधी वित्तपोषण, डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे, पर्यटन और निजी पूंजी जुटाने पर विशेष ध्यान दिया गया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अमरीका के ऐशविले में जी-20 वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंकों के गवर्नरों की बैठक के दौरान विश्व बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा से मुलाकात की।
इस दौरान उन्होंने भारत में इस बहुपक्षीय निवेश गारंटी एजेंसी की बड़ी भूमिका पर चर्चा की। प्रस्तावित साझेदारी का उद्देश्य गारंटी के व्यवस्थित उपयोग और अधिक से अधिक निजी पूंजी जुटाने के माध्यम से देश के कॉर्पोरेट, बुनियादी ढांचे और नगरपालिका बॉन्ड बाजारों को मजबूत करना है। बैठक में भारत और विश्व बैंक की साझेदारी को मजबूत करने तथा संस्था के वित्तपोषण साधनों के उपयोग को व्यापक बनाने के तरीकों पर चर्चा हुई।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आज हरियाणा के कुरुक्षेत्र स्थित गुरुकुल में स्वामी श्रद्धानंद जी के बलिदान…
एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित पीवीएसएम, एवीएसएम, वीएम, वीएसएम ने 1 नवंबर को भारतीय वायुसेना…
केंद्रीय संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने 01 नवंबर 2026 को भूटान…
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आज हरियाणा के कुरुक्षेत्र में हरियाणा राज्य के गठन के 60वें वर्ष…
उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने आज नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में ‘राष्ट्रीय अंग प्रत्यारोपण…
भारत के कुल कोयला आयात में अगस्त 2026 में 5.83 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की…