बिज़नेस

भारत ने भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे और उनके प्रतिनिधिमंडल को हरित हाइड्रोजन ईंधन सेल बस का प्रदर्शन किया

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने स्थायी परिवहन समाधानों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में, भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे और उनके प्रतिनिधिमंडल को इंडियन ऑयल द्वारा संचालित हाइड्रोजन ईंधन वाली बस का प्रदर्शन करके हरित हाइड्रोजन गतिशीलता में भारत की प्रगति का प्रदर्शन किया।

इस कार्यक्रम में वी सतीश कुमार, अध्यक्ष और निदेशक (विपणन) के साथ-साथ पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ गणमान्य लोग भी उपस्थित हुए।

प्रदर्शन के दौरान, हरदीप सिंह पुरी ने टिप्पणी किया कि “हरित हाइड्रोजन में भारत की प्रगति स्थायी ऊर्जा समाधानों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। हम अपनी विशेषज्ञता का विस्तार करने और भूटान जैसे क्षेत्रीय भागीदारों के साथ सहयोग करने के लिए उत्सुक हैं जिससे स्वच्छ, हरित भविष्य का मार्ग प्रशस्त किया जा सके। प्राकृतिक गैस पाइपलाइनों में हाइड्रोजन सम्मिश्रण, इलेक्ट्रोलाइज़र-आधारित प्रौद्योगिकियों के स्थानीयकरण और हरित हाइड्रोजन उत्पादन के लिए जैव-मार्गों को बढ़ावा देने के बारे में परियोजनाओं के साथ, भारत एच2 के उत्पादन और निर्यात में एक वैश्विक चैंपियन होगा और हरित हाइड्रोजन के केंद्र बनने के लिए तैयार है, जिसे भविष्य के लिए ईंधन माना जाता है, जिसमें भारत को अपने डीकार्बोनाइजेशन लक्ष्यों को पूरा करने में मदद करने की अपार क्षमता है।

इस यात्रा ने हरित ऊर्जा पहल को आगे बढ़ाने के लिए भारत और भूटान के बीच साझा दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला। भूटान के प्रतिनिधिमंडल ने हरित हाइड्रोजन गतिशीलता को अपनाने में गहरी दिलचस्पी व्यक्त की, जो पर्यावरणीय स्थिरता और स्वच्छ ऊर्जा समाधानों के लिए देश की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

इंडियन ऑयल 2004 से हाइड्रोजन अनुसंधान में अग्रणी रहा है, शुरू में उसने हाइड्रोजन-सीएनजी मिश्रणों पर ध्यान केंद्रित किया था लेकिन पिछले पांच वर्षों में, इंडियन ऑयल ने भंडारण, परिवहन और विभिन्न अनुप्रयोगों वाली परियोजनाओं के साथ अपनी हरित हाइड्रोजन पहलों को आगे बढ़ाया है। विशेष रूप से, भारत का पहला हाइड्रोजन वितरण स्टेशन फरीदाबाद में इंडियन ऑयल के आर एंड डी सेंटर में शुरू है और टाटा मोटर्स के सहयोग से हरित हाइड्रोजन ईंधन सेल बसों का विकास और संचालन प्रारंभ हुआ है।

वर्तमान में, आठ ईंधन सेल बसें – जिनमें भारतीय सेना और नौसेना के लिए एक-एक बस शामिल है वह दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में चल रही हैं, वडोदरा में चार बसें चल रही हैं और सभी में इंडियन ऑयल के हाइड्रोजन वितरण स्टेशन में ईंधन भरा जाता है। हरित हाइड्रोजन समाधानों को आगे बढ़ाने में इंडियन ऑयल पर्यावरण के अनुकूल परिवहन के विकसित क्षेत्र में अपनी अग्रणी भूमिका को और मजबूती प्रदान करता है।

Editor

Recent Posts

गृह मंत्रालय ने जनगणना अधिनियम, 1948 के अंतर्गत जनगणना (संशोधन) नियम, 2026 लागू किए

गृह मंत्रालय ने जनगणना अधिनियम, 1948 के अंतर्गत जनगणना (संशोधन) नियम, 2026 लागू किए हैं।…

9 घंटे ago

NHRC ने महाराष्ट्र के नासिक जिले में रासायनिक अपशिष्टों के रिसाव से बोरवेल का पानी दूषित होने की खबर पर स्वतः संज्ञान लिया

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग-एनएचआरसी ने महाराष्ट्र के नासिक जिले के अंबड औद्योगिक क्षेत्र के निकट दत्तानगर…

9 घंटे ago

भारत और मंगोलिया ने संयुक्त कार्य समूह की 14वीं बैठक में द्विपक्षीय रक्षा साझेदारी सुदृढ़ बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई

भारत और मंगोलिया के रक्षा मंत्रालयों के संयुक्त कार्य समूह की आज उलानबातार में आयोजित…

9 घंटे ago

प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड ने अनुसंधान, विकास एवं नवाचार सहायता के लिए क्यूएनयू लैब्स के साथ 150 करोड़ रूपए का समझौता किया

भारत की क्वांटम प्रौद्योगिकी और सुरक्षित संचार क्षमताओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण…

11 घंटे ago

भारतीय प्रेस परिषद ने विरोध और धरना-प्रदर्शनों की कवरेज करने वाले पत्रकारों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए

भारतीय प्रेस परिषद ने विरोध और धरना-प्रदर्शनों की कवरेज करने वाले पत्रकारों के लिए दिशा-निर्देश…

11 घंटे ago