भारत

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी फ्रांस और स्लोवाकिया की छह दिन की यात्रा पर रवाना

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी फ्रांस और स्लोवाकिया की छह दिन की यात्रा पर रवाना हो गए हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने प्रस्थान वक्तव्य में कहा कि फ्रांस भारत के लिए रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्‍वपूर्ण है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस यात्रा से भारत और फ्रांस के बीच आर्थिक और सांस्कृतिक संबंध और प्रगाढ होंगे। प्रधानमंत्री मोदी कल फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉ के साथ भारत इनोवेट्स सम्‍मेलन का उद्घाटन करेंगे।

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के आगमन से पहले नीस में भारतीय समुदाय और कारोबारी जगत में उत्साह का माहौल है। उनके स्वागत के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं। भारत और फ्रांस के लोगों के बीच संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। वर्तमान में लगभग 10 हजार भारतीय छात्र फ्रांस में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। दोनों देशों का लक्ष्य है कि वर्ष 2030 तक यह संख्या बढ़कर 30 हजार हो जाए। खासकर विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित यानी STEM क्षेत्रों में छात्रों को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है। फ्रांस ने भारतीय छात्रों और युवाओं के लिए पांच वर्ष का शेंगेन वीज़ा, पढ़ाई पूरी करने के बाद दो वर्ष का वर्क परमिट और 18 से 35 वर्ष के युवाओं के लिए यंग प्रोफेशनल्स स्कीम जैसे कई अवसर उपलब्‍ध कराए हैं।

फ्रांस में भारत के राजदूत संजीव सिंगला ने बताया – वहाँ यह स्पष्ट सोच है कि फ्रांस जैसी महत्वपूर्ण साझेदारियाँ, जिनके साथ भारत की एक विशेष वैश्विक रणनीतिक भागीदारी है, केवल सरकारों के स्तर पर नहीं, बल्कि लोगों के बीच मजबूत संबंधों पर आधारित होनी चाहिए। राजदूत सिंगला ने कहा कि ‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम भारत और फ्रांस की मजबूत होती साझेदारी को नई दिशा देगा। नीस से शैलेस मेनन की रिपोर्ट के साथ समाचार कक्ष से आनंद पाठक।

यात्रा के दूसरे चरण में प्रधानमंत्री मोदी कल स्लोवाकिया के लिए रवाना होंगे। ब्रातिस्लावा में प्रधानमंत्री स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी और प्रधानमंत्री रार्बट फिको से मुलाकात करेंगे। उन्‍होंने कहा कि यह यात्रा यूरोपीय यूनियन के साथ भारत की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेगी, जिसमें स्लोवाकिया एक महत्‍वपूर्ण और मूल्‍यवान भागीदार है। स्‍लोवाकिया यात्रा के बाद, प्रधानमंत्री फ्रांस के एवियन जाएंगे, जहां वे 16 और 17 जून को आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि जी-7 में भारत की मौजूदगी, दुनिया में भारत की बढ़ती प्रतिष्‍ठा और उसके प्रति देशों के विश्‍वास को दर्शाती है। उन्‍होंने बताया कि यह लगातार आठवां जी-7 शिखर सम्‍मेलन है, जिसमें भारत को आमंत्रित किया गया है। अपनी यात्रा के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी 18 जून को पेरिस जाएंगे। जहां वे फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ विवाटेक 2026 सम्‍मेलन में शामिल होंगे।

Editor

Recent Posts

NHAI ने प्रमुख पुलों और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग संरचनाओं के डिजाइनों की स्वतंत्र जांच प्रणाली की शुरूआत की

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की संरचनात्मक सुरक्षा, स्थायित्व और गुणवत्ता…

5 घंटे ago

उपराष्ट्रपति ने कौमारकॉन-2026 का उद्घाटन किया और अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान की डिजिटल पहलों का शुभारंभ किया

उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने आज आयुर्वेद में व्यापक वैज्ञानिक अनुसंधान करने का आह्वान किया। उन्होंने…

6 घंटे ago

संचार उपग्रह जीसैट-7सी और भारी वजन वाले टॉरपीडो वरुणास्त्र के लिए रक्षा मंत्रालय ने 4 हज़ार एक सौ 6 करोड़ रुपये के अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए

रक्षा मंत्रालय ने वायुसेना के लिए समर्पित संचार उपग्रह जीसैट-7सी और नौसेना के लिए भारी…

6 घंटे ago

भारत ने अमरीका में एक हिंदू मंदिर को निशाना बनाकर सामूहिक गोलीबारी की कथित खबरों पर गहरी चिंता व्यक्त की

भारत ने अमरीका के इलिनॉय राज्य के ऑरोरा क्षेत्र में एक हिंदू मंदिर को निशाना…

7 घंटे ago

हिमालय क्षेत्र के ऊपरी इलाकों में मौसम की पहली बर्फबारी; हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब और दिल्ली में मूसलाधार बारिश का अनुमान

मौसम विभाग ने आज हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब और दिल्ली में मूसलाधार बारिश का अनुमान व्‍यक्‍त…

7 घंटे ago