भारत प्याज का शुद्ध निर्यातक है और निर्यात से आय उपार्जन करता है। पिछले तीन वर्षों में भारत द्वारा अर्जित शुद्ध निर्यात मूल्य वर्ष 2021-22 में 3,326.99 करोड़ रुपये, वर्ष 2022-23 में 4,525.91 करोड़ रुपये और वर्ष 2023-24 में 3,513.22 करोड़ रुपये था।
भारत ने चालू वित्त वर्ष में जुलाई तक 2.6 लाख टन प्याज का निर्यात किया है। सरकार ने बुधवार को यह जानकारी दी। खाद्य और उपभोक्ता मामलों के राज्यमंत्री बी एल वर्मा ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा, ‘‘सरकार ने चार मई, 2024 से प्याज पर प्रतिबंध हटा लिया है और 550 डॉलर प्रति टन के न्यूनतम निर्यात मूल्य (एमईपी) और 40 प्रतिशत निर्यात शुल्क के साथ निर्यात की अनुमति दी है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘31 जुलाई, 2024 तक, चालू वित्त वर्ष में कुल 2.60 लाख टन प्याज का निर्यात किया गया था।’’ भारत ने पिछले वित्त वर्ष में 16.07 लाख टन प्याज का निर्यात किया था। इसके अलावा उन्होंने कहा कि सरकार ने मूल्य स्थिरीकरण बफर के लिए एनसीसीएफ और नेफेड जैसी संस्थाओं के माध्यम से मुख्य रूप से महाराष्ट्र से 4.68 लाख टन प्याज खरीदा है।
बी एल वर्मा ने कहा, ‘‘पिछले साल (2023) की तुलना में, चालू वर्ष में प्याज किसानों द्वारा मूल्य प्राप्ति की दर बहुत अधिक रही है। अप्रैल से जुलाई, 2024 के बीच महाराष्ट्र में प्याज की औसत मासिक मंडी मॉडल कीमतें 1,230 रुपये से 2,578 रुपये प्रति क्विंटल के बीच थीं, जबकि पिछले साल इसी अवधि के लिए यह 693 रुपये से 1,205 रुपये प्रति क्विंटल थी।’’
चालू वर्ष में बफर के लिए प्याज का औसत खरीद मूल्य 2,833 रुपये प्रति क्विंटल था, जो पिछले साल के 1,724 रुपये प्रति क्विंटल के खरीद मूल्य से 64 प्रतिशत अधिक है। मंत्री ने कहा, ‘‘भारत प्याज का शुद्ध निर्यातक है और निर्यात से आय अर्जित करता है। पिछले तीन वर्षों में भारत द्वारा अर्जित शुद्ध निर्यात मूल्य वर्ष 2021-22 में 3,326.99 करोड़ रुपये, वर्ष 2022-23 में 4,525.91 करोड़ रुपये और वर्ष 2023-24 में 3,513.22 करोड़ रुपये था।’’
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