भारत ने आसियान-भारत व्यापार समझौते की समीक्षा के लिए 13वीं आसियान-भारत व्यापार समझौता संयुक्त समिति की बैठक की मेजबानी की
भारत ने 6 से 10 जुलाई, 2026 तक नई दिल्ली के वाणिज्य भवन में 13वीं आसियान-भारत व्यापार समझौता (एआईटीआईजीए) संयुक्त समिति (जेसी) और संबंधित बैठकों की मेजबानी की, जिसमें एआईटीआईजीए समीक्षा के तहत वार्ताओं की प्रगति की समीक्षा की गई। ये बैठकें हाइब्रिड प्रारूप में आयोजित की जा रही हैं।
एआईटीआईजीए संयुक्त समिति के अंतर्गत आने वाली आठ उप-समितियों में से तीन की बैठकें वर्तमान में 13वीं संयुक्त समिति की बैठक के दौरान समानांतर रूप से आयोजित की जा रही हैं। इनमें सीमा शुल्क प्रक्रिया एवं व्यापार सुगमता उप-समिति (एससी-सीपीटीएफ), राष्ट्रीय व्यवहार एवं बाजार पहुंच उप-समिति (एससी-एनटीएमए) और उत्पत्ति नियम उप-समिति (एससी-आरओओ) शामिल हैं। ये बैठकें भारत और आसियान के बीच सहयोग को गहरा करने, आपसी समझ को मजबूत करने और रचनात्मक संवाद को आगे बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य कर रही हैं।
संयुक्त समिति ने उप-समितियों को उनके संबंधित कार्यक्षेत्रों में रणनीतिक मार्गदर्शन प्रदान किया और उनसे एआईटीआईजीए समीक्षा के अंतर्गत लंबित अध्यायों को अंतिम रूप देने में तेजी लाने का आग्रह किया। वार्ता की गति बनाए रखने के लिए, उप-समितियों को समयबद्ध कार्य सौंपे गए और उन्हें सहमत समयसीमा के भीतर ठोस परिणाम प्राप्त करने हेतु मिलकर काम करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
7 जुलाई, 2026 को आयोजित 13वीं एआईटीआईजीए संयुक्त समिति की बैठक की सह-अध्यक्षता वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय में वाणिज्य विभाग के अपर सचिव श्री नितिन कुमार यादव और मलेशिया के निवेश, व्यापार एवं उद्योग मंत्रालय की उप महासचिव (व्यापार) सुश्री मस्तुरा अहमद मुस्तफा ने की। इस बैठक में आसियान के सभी सदस्य देशों – ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओ पीडीआर, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड और वियतनाम के प्रतिनिधिमंडलों ने भाग लिया।
आसियान भारत के प्रमुख व्यापारिक साझेदारों में से एक है, जो भारत के वैश्विक व्यापार का लगभग 11 प्रतिशत हिस्सा है। भारत और आसियान के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2025-26 के दौरान 128 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो दोनों पक्षों के बीच मजबूत आर्थिक साझेदारी को दर्शाता है और व्यापार एवं निवेश सहयोग को और बढ़ाने के अवसर प्रदान करता है।





