भारत ने सभी धर्मों के प्रति नफरत का विरोध करते हुए धार्मिक कट्टरता के खिलाफ अधिक समावेशी लड़ाई का आह्वान किया है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी हरीश ने पूजा स्थलों और धर्म के खिलाफ हिंसा पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि भारत का दृढ़ विश्वास है कि विभिन्न स्वरूपों में धर्मविरोध हमारे विभिन्न, वैश्विक समाज के ताने-बाने के लिए खतरा है।
उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासभा में इस्लामोफोबिया का मुकाबला करने के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस के अवसर पर यह बात कही। उन्होंने कहा कि वास्तविक रूप से भारत में हर प्रमुख धर्म मौजूद हैं। यह विश्व के चार प्रमुख धर्म हिंदू, बौद्ध, जैन और सिख धर्म का जन्मस्थान है। श्री हरीश ने कहा कि धार्मिक भेदभाव, नफरत और हिंसा से मुक्त दुनिया को बढ़ावा देना अनादि काल से भारत की जीवनशैली रही है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज स्कोप्ये में उत्तर मैसीडोनिया की राष्ट्रपति, महामहिम डॉ. गोर्डाना सिलजानोव्स्का-दावकोवा…
केंद्रीय संचार एवं उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री (एमडीओएनईआर) ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने मेघालय के मुख्यमंत्री…
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज नई दिल्ली में खरीफ फसलों…
दक्षिणी नौसेना कमान, कोच्चि में 20 जुलाई 2026 को चार-दिवसीय बहुराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम,…
हिमाचल प्रदेश में चंबा, कांगड़ा, हमीरपुर, मंडी और कुल्लू जिलों में अगले 24 घंटे के…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश में भविष्य में परीक्षाओं में पेपर लीक रोकने के लिए…