भारत

भारत ने आईटीयू के WSIS+20 फोरम उच्च स्तरीय कार्यक्रम और ‘एआई फॉर गुड’ वैश्विक शिखर सम्मेलन में भाग लिया

अपर सचिव (दूरसंचार) नीरज वर्मा ने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत जिम्मेदार और भरोसेमंद एआई के लिए वैश्विक मानकों का मसौदा तैयार करने में अग्रणी है, और टीईसी (भारत में दूरसंचार विभाग के मानक निकाय) ने एआई सिस्टम में निष्पक्षता का आकलन और रेटिंग के लिए एक मानक जारी किया है। उन्होंने यह भी बताया कि टीईसी अब एआई सिस्टम की मजबूती का आकलन और रेटिंग के लिए एक और मानक तैयार कर रहा है।

नीरज वर्मा जिनेवा, स्विट्जरलैंड में ‘एआई उद्योग में वैश्विक सहयोग को सुसंगत बनाना: एआई मानकीकरण, विनियमन और उद्योग विकास के भविष्य पर एक गोलमेज सम्मेलन’ पर एक सत्र को संबोधित कर रहे थे।

अपर सचिव (दूरसंचार) ने 27 से 31 मई 2024 तक डब्ल्यूएसआईएस+20 (वर्ल्ड समिट ऑन द इंफॉर्मेशन सोसाइटी) फोरम उच्च स्तरीय कार्यक्रम 2024 और ‘एआई फॉर गुड’ वैश्विक शिखर सम्मेलन के लिए आईटीयू जिनेवा में एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। इस कार्यक्रम का आयोजन आईटीयू, यूनेस्को, यूएनडीपी और यूएनसीटीएडी की सहभागिता में किया गया और दूरस्थ भागीदारी के समर्थन से आईटीयू और स्विस परिसंघ द्वारा सह-मेजबानी की गई।

भारत ने आईटीयू जिनेवा में एआई फॉर गुड ग्लोबल समिट के दौरान 15-24 अक्टूबर 2024 को नई दिल्ली में डब्ल्यूटीएसए 2024 की मेजबानी की जिम्मेदारी संभाली और नई दिल्ली में होने वाले आगामी डब्ल्यूटीएसए में भाग लेने के लिए दुनिया भर के विदेशी प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया। इसके बाद डब्ल्यूटीएसए 2024 की मेजबान देश की वेबसाइट (https://www.delhiwtsa24.in/) लॉन्च की गई।

भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने ‘एआई फॉर गुड’ वैश्विक शिखर सम्मेलन के विभिन्न सत्रों में दूरसंचार क्षेत्र में एआई का उपयोग करके भारत द्वारा किए गए सुधारों और टिकाऊ भविष्य के निर्माण पर प्रकाश डाला, जिनमें ‘द गवर्नमेंट्स एआई डेलिमा : मैक्सिमाइजिंग रिवॉर्डज, मिनिमाइज रिस्कस’, ‘लीडर्स टॉक एक्स ऑन लुकिंग अहेड: टिकाऊ भविष्य के निर्माण के लिए उभरती तकनीक’, ‘एआई गवर्नेंस: हम समावेश और विश्वास कैसे सुनिश्चित करते हैं’, ‘सतत विकास के लिए स्थान – कनेक्टिविटी का मासला’ आदि शामिल थे।

भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने अंतर्राष्ट्रीय मंच का ध्यान इस ओर भी आकर्षित किया कि यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि ये प्रौद्योगिकियां विकासशील देशों के लिए सुलभ और सस्ती हों, ताकि स्थिरता की खाई को पाटा जा सके। इस बात पर प्रकाश डाला गया कि जहां एआई में दक्षता बढ़ाने, सेवा वितरण में सुधार करने और निर्णय लेने की क्षमता का समर्थन करके डिजिटल शासन में क्रांति लाने की अपार क्षमता है, वहीं शासन में एआई के लाभों को पूरी तरह से महसूस करने के लिए नैतिक, गोपनीयता और समावेशिता चुनौतियों का समाधान करना आवश्यक है।

डब्ल्यूएसआईएस+20 फोरम उच्च स्तरीय कार्यक्रम ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को वैश्विक डिजिटल सहयोग के अवसरों का आकलन करने तथा संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) द्वारा डब्ल्यूएसआईएस की बीस-वर्षीय समीक्षा से पहले एक अग्रगामी और पुनर्जीवित साझा दृष्टिकोण की दिशा में एकजुट होने का एक अनूठा अवसर प्रदान किया।

Editor

Recent Posts

ग्रामीण महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए ‘सरस शक्ति’ संग्रह लॉन्च किया

ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित और प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के ग्रामीण परिवर्तन के विजन के…

3 घंटे ago

सरकार ने GST अपीलीय ट्रिब्‍यूनल के समक्ष अपील दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 तक बढ़ाई

सरकार ने धारा 112(1) के साथ पढ़े धारा 112(3) के अंतर्गत वस्तु एवं सेवा कर…

3 घंटे ago

पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PFC) और आरईसी लिमिटेड (REC) के निदेशक मंडल ने विलय करने की योजना को स्‍वीकृति दी

पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (पीएफसी) और आरईसी लिमिटेड (आरईसी) के निदेशक मंडल ने कंपनी अधिनियम,…

5 घंटे ago

भारतीय वायु सेना ने वॉरफेयर एंड एयरोस्पेस स्ट्रैटेजी प्रोग्राम (WASP) के पांचवें संस्करण का सफलतापूर्वक समापन किया

नई दिल्ली में 29 जून को वॉरफेयर एंड एयरोस्पेस स्ट्रेटेजी प्रोग्राम (डब्ल्यूएएसपी) के सफल समापन…

6 घंटे ago

तीन जुलाई से शुरू हो रही पवित्र अमरनाथ यात्रा को लेकर जम्मू-कश्मीर और पंजाब में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

तीन जुलाई से शुरू हो रही पवित्र अमरनाथ यात्रा को लेकर जम्मू-कश्मीर और पंजाब में…

6 घंटे ago

पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने का फैसला किया

पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता-यूसीसी लागू करने का फैसला किया है।…

6 घंटे ago