भारत ने बच्चों और सशस्त्र संघर्ष पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में बहस के दौरान पाकिस्तानी राजनयिक द्वारा कश्मीर पर की गई ‘‘आधारहीन’’ टिप्पणी को दृढ़ता से खारिज करते हुए इसकी निंदा की है। भारत ने इसे पाकिस्तान में बच्चों के खिलाफ जारी ‘‘गंभीर उल्लंघनों’’ से ध्यान भटकाने का एक और आदतन प्रयास करार दिया।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के उप स्थायी प्रतिनिधि और प्रभारी राजदूत आर.रविंद्र ने बुधवार को कहा, ‘‘ सीमित समय के मद्देनजर में उन टिप्पणियों पर संक्षेप में प्रतिक्रिया देना चाहूंगा जोकि एक देश के प्रतिनिधि द्वारा मेरे देश के खिलाफ की गई हैं और ये टिप्पणियां स्पष्ट तौर पर राजनीति से प्रेरित और निराधार हैं। मैं इन निराधार टिप्पणियों को पूरी तरह से खारिज करता हूं और उनकी निंदा करता हूं।’’ उन्होंने यह टिप्पणी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में बच्चों और सशस्त्र संघर्ष पर खुली बहस में वक्तव्य देते हुए की।
रविंद्र ने कहा,‘‘ यह कुछ और नहीं बल्कि बच्चों के खिलाफ गंभीर उल्लंघनों से ध्यान भटकाने का एक और आदतन प्रयास है, जो उनके अपने देश में भी बेरोकटोक जारी है।’’ उन्होंने कहा कि इसे बच्चों और सशस्त्र संघर्ष पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस की इस वर्ष की रिपोर्ट में भी उजागर किया गया है।
भारतीय प्रतिनिधि ने कहा, ‘‘जहां तक केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का सवाल है, वे भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा थे, हैं और हमेशा रहेंगे, भले ही उक्त प्रतिनिधि या उनका देश कुछ भी मानता हो या इच्छा रखता हो।’’ भारत की यह कड़ी प्रतिक्रिया संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के दूत मुनीर अकरम द्वारा सुरक्षा परिषद में बच्चों और सशस्त्र संघर्ष पर खुली बहस के दौरान जम्मू और कश्मीर के बारे में विस्तार से चर्चा करने के बाद आई है।
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