मेसर्स सूर्यदीप्ता प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, ठाणे (एमएसएमई शिपयार्ड) के साथ 16 जनवरी 2026 को 03 x 200 टन ‘नीचे से खुलने वाले बिना इंजन के बजरे’ के निर्माण और डिलीवरी के लिए एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किये गये है।
ये बजरे भारत सरकार की मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत पहल के गौरवशाली ध्वजवाहक हैं और इनका निर्माण इंडियन रजिस्टर ऑफ शिपिंग (आईआरएस) के वर्गीकरण नियमों के तहत किया जाएगा।
नौसेना ने इस अनुबंध के साथ, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) शिपयार्डों के विकास को प्रोत्साहित करने और मजबूत करने के प्रति अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता प्रदर्शित की है। इससे मैरीटाइम इंडिया विज़न – 2030 के अनुरूप घरेलू जहाज निर्माण इको सिस्टम में अत्यधिक योगदान दिया जा सकेगा।
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