भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 29 नवंबर को समाप्त सप्ताह में 1 अरब 51 करोड़ डॉलर बढ़कर 658 अरब 9 करोड़ डॉलर हो गया। यह बढोत्तरी खासकर विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति में वृद्धि के कारण हुई है जो अब 568 अरब 85 करोड़ डॉलर हो गई है। विशेष आहरण अधिकार भी 220 करोड़ डॉलर बढ़कर 18 अरब 1 करोड़ डॉलर का हो गया है।
रिज़र्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बताया कि विदेशी मुद्रा भंडार महत्वपूर्ण है क्योंकि इसका उपयोग असामान्य परिस्थितियों से निपटने, बाज़ार में विश्वास तथा समग्र वित्तीय स्थिरता बनाए रखने के लिए किया जाता है।
उच्च गुणवत्ता वाली वैज्ञानिक, तकनीकी और बौद्धिक संपदा संबंधी जानकारी तक पहुंच को मजबूत करने…
सर्वोच्च न्यायालय ने सी.बी.एस.ई. पाठ्यक्रम के तहत 9वीं कक्षा में तीसरी भाषा शुरू करने पर…
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि सरकार का प्रयास एक ऐसे भारत का…
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने वैश्विक भू-रा4जनीतिक संघर्षों के बीच उभरती सुरक्षा और आर्थिक…
भारतीय रेलवे देश की पहली हाइड्रोजन फ्यूल सेल ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के लिए…
अमरीका ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए ईरान पर फिर हमले…