रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत के साथ रणनीतिक साझेदारी की सराहना की है। उन्होंने कहा कि भारत को रूस के साथ सहयोग कम करने के लिए मजबूर करने के पश्चिमी देशों के प्रयास व्यर्थ और वैश्विक स्थिरता के लिए हानिकारक हैं। प्रमुख वैश्विक समाचार एजेंसियों के प्रमुखों के साथ बातचीत में राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि अमरीका के साथ भारत की राजनयिक भागीदारी, दोनों देशों के चिरस्थायी सम्बंधों पर कोई प्रभाव नहीं डालती। उन्होंने कहा कि रूस भारत को एक विश्वसनीय साझेदार मानता है।
रूस के राष्ट्रपति ने भारत के साथ रूस के रक्षा और सैन्य सम्बंधों का भी चर्चा की और ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों के सह-विकास और सह-उत्पादन के बारे में बताया। पुतिन ने कहा कि रूस ने भारत को पांचवीं पीढ़ी के एस.यू.-57 लड़ाकू विमान के निर्माण में संयुक्त रूप से काम करने का प्रस्ताव दिया है।
केरलम् में आज उथरादम उत्सव मनाया जा रहा है। यह दस दिन तक चलने वाले…
कोलंबो में भारत की श्रीलंका के साथ दूसरे और अंतिम क्रिकेट टेस्ट में पकड़ मजबूत…
सरकार ने गेहूं के आटे और संबंधित उत्पादों पर लगे निर्यात प्रतिबंध हटा दिए हैं,…
भारतीय जनता पार्टी पंजाब विधानसभा चुनावों में सभी 117 विधानसभा सीट पर चुनाव लड़ेगी। भाजपा…
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सभी एजेंसियों को घुसपैठ को रोकने के लिए कड़े…
भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) के 2025 बैच के प्रशिक्षु अधिकारियों ने आज सेवा तीर्थ में…