संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने शनिवार को बताया कि 35 वर्ष से अधिक के शानदार करियर के बाद वह सेवानिवृत्त हो गई हैं।
वैश्विक संस्था में भारत की राजदूत के रूप में इस प्रतिष्ठित पद पर आसीन होने वाली पहली महिला राजनयिक कंबोज 1987 में भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) में शामिल हुई थीं। उन्होंने सोशल मीडिया पर यह जानकारी दी। वरिष्ठ राजनयिक कंबोज (60) ने अपने ‘एक्स’ हैंडल पर कहा, ‘‘इन बेहतरीन वर्षों और अविस्मरणीय अनुभवों के लिए धन्यवाद भारत।’’
कंबोज सिविल सेवा के 1987 बैच की अखिल भारतीय महिला टॉपर और विदेश सेवा के 1987 की बैच की टॉपर थीं। उन्होंने दो अगस्त, 2022 को औपचारिक रूप से न्यूयॉर्क में भारत की स्थायी प्रतिनिधि/राजदूत का पदभार संभाला था।
कंबोज की सेवानिवृत्ति की घोषणा पर पूर्व राजदूतों से लेकर आम लोगों तक ने प्रतिक्रिया व्यक्त की है। हिंदी, अंग्रेजी और फ्रेंच तीन भाषाएं बोलने वाली कंबोज ने 1989 से 1991 तक पेरिस स्थित भारतीय दूतावास में तृतीय सचिव के रूप में अपनी राजनयिक यात्रा शुरू की थी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सीएमए सीजीएम के चेयरमैन और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) रोडोल्फ सादे…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सेंट-गोबेन के सीईओ बनोआ बाज़िन के साथ बातचीत पर प्रसन्नता व्यक्त…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मिस्ट्रल एआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) आर्थर मेन्श के साथ…
भारतीय सेना की टुकड़ी आज बहुपक्षीय संयुक्त सैन्य अभ्यास 'खान क्वेस्ट' में भाग लेने के…
मौसम विभाग ने कहा है कि अगले चार से पांच दिनों तक तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड,…
अमरीका और ईरान के बीच एक ऐतिहासिक संघर्ष-विराम समझौता लागू हो गया है। इससे व्यापक…