ईरान ने इस्राएल के दिमोना और अराद शहर को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। इस्राएल का नेगेव परमाणु अनुसंधान केंद्र दिमोना में ही स्थित है। अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी का कहना है कि इस केंद्र को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। ईरान का कहना है कि उसने ये हमले नतान्ज़ परमाणु संवर्धन संयंत्र पर हुए हमले के जवाब में किया है। इस्राएल ने जवाबी कार्रवाई में तेहरान के मालेक अशतर विश्वविद्यालय स्थित अनुसंधान और विकास केंद्र को निशाना बनाया है।
यह संकट का दायरा इस्राएल-ईरान के संघर्ष तक सीमित नहीं रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 48 घंटे का अल्टीमेटम जारी करते हुए चेतावनी दी है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह से नहीं खोला गया, तो वे ईरान के बिजली संयंत्रों पर हमला करके उन्हें नष्ट कर देंगे, जबकि ईरान का कहना है कि अगर उसके ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर किसी भी तरह का हमला किया गया, तो क्षेत्र में अमरीका से जुड़े ऊर्जा, सूचना प्रौद्योगिकी बुनियादी ढांचों को निशाना बनाया जाएगा।
उधर, सऊदी अरब में, रियाद पर तीन बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं। इसके बाद सऊदी अरब ने ईरान के सैन्य अटैची को अवांछित व्यक्ति घोषित कर उन्हें 24 घंटे के भीतर देश छोड़ने का आदेश दिया है। उधर, लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार वर्तमान संघर्ष में मरने वालों की संख्या एक हजार से अधिक हो गई है। दुबई से विनोद की रिपोर्ट के साथ समाचार कक्ष से अंजुम आलम।
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