पश्चिम एशिया संघर्ष में शांति प्रयासों को बड़ा झटका लगा है। ईरान ने अमेरिका द्वारा पेश किए गए 15 सूत्रीय प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, तेहरान को यह प्रस्ताव मध्यस्थों के जरिए प्राप्त हुआ था। प्रस्ताव में अत्यधिक मांगे थीं इसलिए इसे खारिज कर दिया गया।
अमेरिका के प्रस्ताव में ईरान से उसके परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने, मिसाइल क्षमता घटाने, होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने, क्षेत्रीय सशस्त्र समूहों को समर्थन कम करने और चरणबद्ध प्रतिबंधों में ढील स्वीकार करने की मांग की गई थीं।
इसके जवाब में ईरान ने संघर्ष विराम के लिए पांच सूत्रीय प्रति-प्रस्ताव दिया है। ईरान ने आक्रामकता और हत्याओं को तत्काल रोकने, भविष्य में सैन्य कार्रवाई न करने की गारंटी देने, युद्ध क्षतिपूर्ति का भुगतान करने, सहयोगी समूहों सहित सभी मोर्चों पर शत्रुता समाप्त करने और होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान की संप्रभुता को पूर्ण मान्यता देने की मांग की है।
ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सरकारी टेलीविजन को बताया कि ईरान युद्ध तभी समाप्त करेगा जब वह स्वयं उचित समझेगा और उसकी शर्तें पूरी होंगी। उन्होंने कहा कि ईरान अमरीका के साथ सीधी बातचीत में शामिल नहीं है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक बार फिर विश्व के सबसे लोकप्रिय नेता के रूप में…
भारत ने प्रतिबंधित आतंकी गुट और उसके सदस्यों के समर्थन में पाकिस्तान की ओर से…
सरकार ने आज नई दिल्ली स्थित संसद भवन परिसर में पश्चिम एशिया की स्थिति पर…
आदिवासी कारीगरों को सशक्त बनाने और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने की दिशा में एक…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत की कार्रवाई को सुदृढ़ करने…
भारतीय पारंपरिक लोक और आदिवासी संगीत को वैश्विक मंच पर बढ़ावा देने और उसे व्यापक…