भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन – इसरो ने मीडिया की उन अटकलों और गलत सूचनाओं पर स्पष्टीकरण जारी किया है जिनमें इसरो के निजीकरण या उसकी भूमिका कम करने के प्रयासों की बात कही गई है। सोशल मीडिया पोस्ट में इसरो ने कहा कि न तो उसका निजीकरण और न ही उसका महत्व कम किया जाएगा।
अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी क्षेत्र की भागीदारी का उद्देश्य अंतरिक्ष कार्यक्रम को सक्षम बनाना है। इसरो ने कहा कि अंतरिक्ष क्षेत्र में सुधारों का उद्देश्य एक व्यापक, मजबूत और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी भारतीय अंतरिक्ष पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना है। इसलिए, इन सुधारों को निजीकरण के बजाय पारिस्थितिकी तंत्र के विस्तार और क्षमता वृद्धि के रूप में देखा जाना चाहिए। इसरो ने कहा कि परिपक्व और विस्तार योग्य तकनीकी क्षमताओं को भारतीय उद्योग द्वारा तेजी से विकसित किया जा सकता है। इससे बड़े पैमाने पर उत्पादन, व्यावसायीकरण, नवाचार और वैश्विक बाजारों तक पहुंच संभव होगी, जबकि इसरो के वैज्ञानिक और तकनीकी मानव संसाधन को उन्नत अनुसंधान, अगली पीढ़ी की प्रौद्योगिकियों और जटिल राष्ट्रीय मिशनों पर ध्यान केंद्रित करने की अनुमति मिलेगी।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 27 सितंबर, 2026 को नई दिल्ली में एक रक्षा सम्मेलन…
उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने आज केरलम के कोल्लम स्थित अमृतापुरी में माता अमृतानंदमयी देवी…
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज गुजरात के अहमदाबाद स्थित साबरमती रेलवे…
केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि मुक्त व्यापार समझौतों(एफटीए) के माध्यम…
आज विश्व पर्यटन दिवस है। इस वर्ष विश्व पर्यटन दिवस का विषय है– “पर्यटन को…
उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के कारण आज चार धाम यात्रा स्थगित रहेगी। मौसम…