भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन, इसरो इस महीने की 30 तारीख को शाम 4 बजकर 40 मिनट पर श्रीहरिकोटा से अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के साथ संयुक्त रूप से विकसित किए गए निसार भू अवलोकन उपग्रह का प्रक्षेपण करेगा। जीएसएलवी एफ-6 हेवी लिफ्ट रॉकेट इस उपग्रह को 743 किलोमीटर दूर सूर्य की कक्षा में स्थापित करेगा। निसार उपग्रह हर 12 दिन में पूरे विश्व को स्कैन करेगा और उच्च-रिज़ॉल्यूशन, सभी मौसम, दिन और रात का डेटा प्रदान करेगा।
नासा के साथ मिलकर तैयार किये गए निसार सेटेलाइट आकाश से भूमि की निखर चित्र प्राप्त करेगा। यह पहली बार कोई सेटेलाइट दो रैडार का प्रयोग कर रहा है। नासा द्वारा तैयार किए गए ‘एल’ बैंड रैडार समुंद्र और जंगल के भीतर हो रहे बदलाव की जानकारी देगा और इसरो द्वारा बनाए गए ‘एस’ बैंड रैडार, भूमि के ऊपर हो रहे गतिविधियों की जानकारी दे पाएगा। स्वीपसार टेक्नोलॉजी का उपयोग भी पहली बार हो रहा है, जिससे भूमि के बड़े भाग की उत्तम तस्वीर मिल पाएगी।
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