भारत

ITBPF और जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT) ने सहयोगात्मक जैव चिकित्सा अनुसंधान एवं प्रशिक्षण हेतु समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

भारत सरकार ने सुरक्षा बलों के कल्याण हेतु जैव चिकित्सा अनुसंधान को आगे बढ़ाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपीएफ) और जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) ने समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। हस्ताक्षर समारोह में नई दिल्ली स्थित आईटीबीपी मुख्यालय में जैव चिकित्सा विभाग के सचिव और जैव प्रौद्योगिकी विभाग के महानिदेशक उपस्थित थे।

इस सहयोग का उद्देश्य राष्ट्रीय महत्व की महत्वपूर्ण वैज्ञानिक और तकनीकी चुनौतियों का समाधान करने के लिए आईटीबीपीएफ की विशिष्ट चिकित्सा और अर्ध-चिकित्सा सुविधाओं और जैव प्रौद्योगिकी विभाग के सुदृढ़ अनुसंधान एवं नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र की विशेषज्ञता का उपयोग करना है। आईटीबीपीएफ और डीबीटी, सेनाओं की आवश्यकता के अनुसार, अधिक ऊंचाई पर मानव अनुकूलनशीलता, जैव सुरक्षा, जैव चिकित्सा उपकरण, कृत्रिम अंग और खाद्य जैव प्रौद्योगिकी आदि जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करते हुए संयुक्त अनुसंधान परियोजनाएं शुरू करेंगे। यह साझेदारी 2047 तक विकसित भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप, नवाचार को बढ़ावा देने, अनुसंधान क्षमताओं को बढ़ाने और भारत की वैज्ञानिक प्रगति में योगदान देने के लिए आईटीबीपीएफ और डीबीटी की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।

जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) नवाचार को बढ़ावा देने, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी बनाने और अनुवाद संबंधी अनुसंधान को सक्षम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। डीबीटी-जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान और नवाचार परिषद (ब्रिक) 13 संस्थानों की देखरेख करता है और अंतरराष्ट्रीय आनुवंशिक इंजीनियरिंग और जैव प्रौद्योगिकी केंद्र (आईसीजीईबी) और क्षेत्रीय जैव प्रौद्योगिकी केंद्र (आरसीबी) जैव प्रौद्योगिकी के अंतःविषय क्षेत्रों में अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे और विशेषज्ञता से लैस हैं। वे साथ मिलकर राष्ट्रीय चुनौतियों और प्राथमिकताओं का समाधान करने के लिए बहु-विषयक अनुसंधान, उन्नत प्रशिक्षण और विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार कार्यक्रमों के कार्यान्वयन को आगे बढ़ा रहे हैं।

जैव प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव ने इस अवसर पर वक्तव्य में कहा कि यह समझौता ज्ञापन जैव चिकित्सा अनुसंधान और शिक्षा के क्षेत्र में हमारे सहयोगात्मक प्रयासों के लिए मार्गदर्शक ढाँचा है। यह अधिक ऊँचाई वाले क्षेत्रों में मानव अनुकूलनशीलता के अध्ययन जैसी प्रभावशाली परियोजनाओं का मार्ग प्रशस्त करता है और राष्ट्र के हित में बहु-विषयक चुनौतियों का समाधान करने की हमारी प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करता है।

आईटीबीपी के महानिदेशक राहुल रसगोत्रा ने कहा: “जैव प्रौद्योगिकी विभाग के साथ यह सहयोग अत्यधिक चुनौतीपूर्ण अधिक-ऊँचाई वाले क्षेत्रों में तैनात हमारे कर्मियों के स्वास्थ्य, लचीलेपन और परिचालन तत्परता को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यह समझौता ज्ञापन विशिष्ट समस्याओं पर काम करने और ऐसे वैज्ञानिक समाधान विकसित करने का सक्षम साधन है जिन्हें जमीनी स्तर पर लागू किया जा सके। इसलिए, यह आशा की जाती है कि हमारी स्वीकृत जैव चिकित्सा अनुसंधान क्षमताएँ उत्तरी सीमा की विषम परिस्थितियों में राष्ट्र की सुरक्षा को बढ़ाने में सहायक होंगी।”

जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के बीच सहयोग से आईटीबीपी कर्मियों की विशिष्ट परिचालन चुनौतियों के अनुरूप नवीन, विज्ञान-संचालित समाधान सामने आने की संभावना है। यह संयुक्त प्रयास डीबीटी की सुदृढ़ जैव प्रौद्योगिकी अवसंरचना, विश्व स्तरीय अनुसंधान एवं विकास सुविधाओं और ट्रांसलेशनल अनुसंधान में सिद्ध ट्रैक रिकॉर्ड का लाभ उठाएगा।

आईटीबीपी और डीबीटी, बलों की विभिन्न परिचालन चुनौतियों के अनुरूप संयुक्त अनुसंधान परियोजनाएँ शुरू करने के अवसरों की तलाश करेंगे। जैसे कि एक अध्ययन जो उच्च ऊँचाई और अन्य चरम पर्यावरणीय परिस्थितियों के प्रति मनुष्यों की अनुकूलन क्षमता को समझने के लिए विकसित किया जा रहा है ताकि कर्मियों को ऐसी परिस्थितियों में उनकी अनुकूलन क्षमता की संभावना के आधार पर जोखिम स्तरीकृत किया जा सके। इसी प्रकार, घाव भरने में तेज़ी लाने, शीतदंश और आईटीबीपी द्वारा पहचाने गए अन्य अनुप्रयोगों के लिए अन्य संयुक्त अनुसंधान एवं विकास परियोजनाएँ भी विकसित की जा सकती हैं।

यह सहयोग अर्धसैनिक बलों की गंभीर चुनौतियों के समाधान विकसित करने के उद्देश्य से ट्रांसलेशनल अनुसंधान को आगे बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त करता है।

Editor

Recent Posts

ओमान के तट के पास दो नवंबर को भारतीय जहाज एमएसवी अल जुसुफी पर हवाई हमला किया गया

ओमान के तट के पास दो नवंबर को भारतीय जहाज एमएसवी अल जुसुफी पर हवाई…

54 मिनट ago

ईरान के केश्‍म द्वीप पर हमले के बाद अमरीका और ईरान के बीच तनाव बढ़ा

अमरीका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थित ईरान के केशम द्वीप पर हमले किए हैं। अमरीका…

56 मिनट ago

प्रधानमंत्री मोदी ने 21,800 करोड़ रुपये की पुणे मेट्रो परियोजना का उद्घाटन और शिलान्यास किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में…

1 घंटा ago

Aditya-L1 ने वैज्ञानिकों को सौर विस्फोट या कोरोनल मास इरप्शन (सीएमई) के फैलने के तरीके को समझने और उसके बारे में नई जानकारी पाने में मदद की

भारत की पहली अंतरिक्ष आधारित सौर वेधशाला आदित्य-एल1 ने वैज्ञानिकों को सौर विस्फोट या कोरोनल…

1 घंटा ago

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जैसलमेर में ‘भारतीय रक्षा बलों के आधुनिकीकरण’ पर रक्षा मंत्रालय की सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता की

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राजस्थान के जैसलमेर में 'भारतीय रक्षा बलों के आधुनिकीकरण' पर…

1 घंटा ago