दिल्ली: जस्टिस सूर्यकांत ने राष्ट्रपति भवन में भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें शपथ दिलाई। न्यायमूर्ति सूर्यकांत, कल सेवा निवृत्त हुए न्यायमूर्ति भूषण आर. गवई का स्थान लिया।
1962 में हिसार हरियाणा में जन्मे न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने 1984 में हिसार जिला न्यायालय में वकालत शुरू की। संवैधानिक, सेवा और सिविल मामलों में उनकी विशेषज्ञता रही। उन्होंने कई विश्वविद्यालय, बोर्डो, निगमों, बैंकों और खुद उच्च न्यायालय का प्रतिनिधित्व किया है। न्यायमूर्ति सूर्यकांत को जुलाई 2000 में हरियाणा का सबसे युवा महाधिवक्ता होने का गौरव प्राप्त हुआ। 2004 में उन्हें पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में स्थाई न्यायाधीश के रूप में पदोउन्नत किया गया। अक्टूबर 2018 में न्यायमूर्ति सूर्यकांत को हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया। मई 2019 में उन्हें सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में पद उन्नत किया गया। भारत के मुख्य न्यायाधीश के रूप में न्यायमूर्ति सूर्यकांत का कार्यकाल लगभग 15 महीने का होगा।
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