उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ 2025 आध्यात्मिकता और नवीनता का अनूठा संगम होगा, जहां अत्याधुनिक डिजिटल प्रगति साथ सनातन धर्म की पवित्र परंपराएं नजर आएंगी। दुनिया भर के लाखों भक्तों की आस्था का केंद्र यह प्रतिष्ठित उत्सव, इसमें शामिल होने वाले सभी लोगों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए आधुनिक तकनीक को अपना रहा है। उच्च तकनीक सुरक्षा उपायों से लेकर डिजिटल भूमि आवंटन और स्थिर वर्चुअल रियलिटी अनुभवों सहित महाकुंभ 2025, भक्तों के विश्वास और आयोजन की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं को नए तरीके से परिभाषित कर रहा है। बुनियादी ढांचे, सुरक्षा और डिजिटल सेवाओं से जुड़ी व्यापक तैयारियों के साथ, महाकुंभ परंपरा और तकनीक के बीच सामंजस्य का मॉडल बनने के लिए तैयार है।
महाकुंभ नगरी में करीब 45 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को पूरी जानकारी देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रिंट, डिजिटल और सोशल मीडिया समेत हर प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने का फैसला किया है। साइबर विशेषज्ञ ऑनलाइन खतरों पर सक्रिय रूप से नजर रख रहे हैं और एआई, फेसबुक, एक्स और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म का फायदा उठाने वाले गिरोहों की जांच कर रहे हैं। बड़े पैमाने पर जन जागरूकता अभियान के लिए मोबाइल साइबर टीम भी तैनात की गई है। फिलहाल, राज्य के विशेषज्ञों की टीम ने करीब 50 संदिग्ध वेबसाइटों की पहचान की है और उनके खिलाफ कार्रवाई जारी है।
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