राष्ट्रीय करियर सेवा (एनसीएस) पोर्टल पर रोज़गार के अवसरों के साथ-साथ युवाओं की रोज़गार क्षमता बढ़ाने के लिए श्रम एवं रोज़गार मंत्रालय और ज़ेप्टो के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। समझौता ज्ञापन पर आज नई दिल्ली में केंद्रीय श्रम एवं रोज़गार तथा युवा कार्य और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए।
डॉ. मांडविया ने अपने संबोधन में कहा, “राष्ट्रीय करियर सेवा (एनसीएस) प्लेटफ़ॉर्म नियोक्ताओं और नौकरी चाहने वालों के बीच एक अनूठे सेतु के रूप में उभरा है। अपनी स्थापना के बाद से 52 लाख से अधिक पंजीकृत नियोक्ताओं और लगभग 7.5 करोड़ रिक्तियों के साथ एनसीएस ने स्वयं को सभी रोज़गार-संबंधी सेवाओं के लिए वन-स्टॉप समाधान के रूप में स्थापित किया है।”
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा, “निकट भविष्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और अन्य विश्व स्तरीय डिजिटल उपकरणों के माध्यम से एनसीएस पोर्टल को मजबूत करने से नौकरी चाहने वालों को उनकी स्थान आवश्यकताओं और संबंधित योग्यताओं के अनुरूप अवसरों की पहचान करने में मदद मिलेगी।”
मंत्रालय और जेप्टो के बीच सहयोग का स्वागत करते हुए डॉ. मंडाविया ने इस बात पर जोर दिया कि यह साझेदारी युवाओं के लिए अवसर के नए द्वार खोलेगी, साथ ही जेप्टो को मानव संसाधन के उपयुक्त प्रतिभा पूल से जुड़ने का अवसर प्रदान करेगी।
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की सचिव वंदना गुरनानी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि मंत्रालय और ज़ेप्टो के बीच समझौता ज्ञापन औपचारिकता और सामाजिक सुरक्षा कवरेज को बढ़ाने को और बढ़ावा देगा। नौकरी-मिलान, करियर परामर्श और कौशल विकास जैसी सुविधाएँ प्रदान करने वाले एक व्यापक पोर्टल के रूप में एनसीएस की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा, “यह साझेदारी सुरक्षित, दीर्घकालिक और गुणवत्तापूर्ण रोज़गार सृजन का मार्ग प्रशस्त करेगी।”
ज़ेप्टो के सह-संस्थापक, कैवल्य वोहरा ने कहा, “हमें एनसीएस पोर्टल के साथ एकीकरण के लिए श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के साथ साझेदारी पर गर्व है। यह सहयोग नए युग की अर्थव्यवस्था के लिए अधिक समावेशी और कुशल कार्यबल तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। एनसीएस के साथ जुड़कर, हमारा लक्ष्य हज़ारों गिग और पूर्णकालिक अवसर प्रदान करना है, जिससे भारत के युवाओं को सशक्त बनाने और देश की आर्थिक वृद्धि में योगदान देने में मदद मिलेगी।”
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय और ज़ेप्टो के बीच समझौता ज्ञापन, प्लेटफ़ॉर्म अर्थव्यवस्था के अवसरों को सरकार के रोजगार एवं कौशल विकास पारिस्थितिकी तंत्र के साथ एकीकृत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ज़ेप्टो, समझौता ज्ञापन की अवधि के दौरान 10,000 नौकरियों के अवसर प्रदान करेगा, जिससे युवाओं, महिलाओं और पहली बार नौकरी चाहने वालों के लिए शहरी रोजगार के अवसरों की एक पूर्वानुमानित और संरचित श्रृंखला तैयार होगी। यह साझेदारी औपचारिकीकरण और कौशल उन्नयन के लिए एक सेतु का निर्माण भी करती है, जो गिग श्रमिकों को ई-श्रम पंजीकरण, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और भविष्य में रोजगार और सुरक्षा के अवसरों से जोड़ती है।
ज़ेप्टो के साथ समझौता ज्ञापन, नौकरी चाहने वालों को प्लेटफॉर्म अर्थव्यवस्था में अवसरों से जोड़ने, सम्मानजनक, तकनीक-संचालित आजीविका को सक्षम करने और औपचारिक रोजगार पारिस्थितिकी तंत्र में गिग और त्वरित-वाणिज्य भूमिकाओं को लाने के मंत्रालय के मिशन में एक नया आयाम जोड़ता है।
पिछले एक साल में, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने अमेज़न, स्विगी, रैपिडो और क्विकर जॉब्स सहित कई प्रमुख संगठनों के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं। इन साझेदारियों के माध्यम से एनसीएस पोर्टल पर लगभग पांच लाख रिक्तियाँ उपलब्ध हो चुकी हैं, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर मज़बूत हुए हैं।
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