भारत

पंचायती राज मंत्रालय 8 जून को राज्य वित्त आयोगों की डेटासेट पर गठित समिति की रिपोर्ट जारी करेगा

पंचायती राज मंत्रालय 8 जून, 2026 को नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में राज्य वित्त आयोगों की डेटासेट पर गठित समिति की रिपोर्ट जारी करेगा। डॉ. वी. अनंत नागेश्वरन, भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार, पंचायती राज मंत्रालय के सचिव विवेक भारद्वाज और राष्ट्रीय लोक वित्त एवं नीति संस्थान (एनआईपीएफपी) के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मनीष गुप्ता के साथ-साथ वरिष्ठ अधिकारियों और अनुसंधान संस्थानों एवं नीति निकायों के विशेष प्रतिनिधियों की उपस्थिति में यह रिपोर्ट जारी करेंगे। रिपोर्ट जारी होने के बाद, मुख्य आर्थिक सलाहकार डेटा-आधारित नीति निर्माण और प्रमाण-आधारित राजकोषीय शासन को सशक्त स्थानीय स्वशासन और समावेशी विकास के लिए आवश्यक आधार बताते हुए मुख्य भाषण देंगे।

इस रिपोर्ट का प्रकाशन भारत में राजकोषीय विकेंद्रीकरण के लिए प्रमाण आधार को मजबूत करने की दिशा में सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। संविधान के अनुच्छेद 243-आई के तहत गठित राज्य वित्त आयोग, पंचायती राज संस्थाओं की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करने और स्थानीय सरकारों को वित्तीय संसाधनों के हस्तांतरण को नियंत्रित करने वाले सिद्धांतों की अनुशंसा करने के लिए अनिवार्य प्रमुख संवैधानिक निकाय हैं। इन आयोगों को इस संवैधानिक दायित्व को अपेक्षित सावधानी और विश्वसनीयता के साथ निभाने के लिए स्थानीय सरकार के वित्त, जनसांख्यिकी, अवसंरचना, सेवा वितरण और परिसंपत्ति प्रबंधन पर विश्वसनीय, समयबद्ध और विखंडित आंकड़ों की आवश्‍यकता होती है। मंत्रालय ने सोलहवें वित्त आयोग के अध्यक्ष के नेतृत्व में नवंबर 2024 में विकास के लिए हस्तांतरण पर एक सम्‍मेलन का आयोजन किया था। वित्त आयोगों ने इस सम्मेलन में विभिन्न विभागों और एजेंसियों में व्यापक डेटासेट तक पहुंच की कठिनाई को राज्य वित्त आयोगों की अनुशंसाओं की गुणवत्ता और समयबद्धता को प्रभावित करने वाली एक महत्वपूर्ण कमी बताया था। इसके समाधान के लिए मंत्रालय ने राज्य वित्त आयोगों के लिए डेटासेट समिति का गठन किया।

यह रिपोर्ट राज्य वित्त आयोगों के आवश्यक महत्वपूर्ण डेटासेटों का एक योजनाबद्ध और व्यापक ढांचा प्रस्तुत करती है और स्थानीय स्तर पर राजकोषीय विश्लेषण में सहायक डेटा व्‍यवस्‍था में डेटा की उपलब्धता, मानकीकरण, अंतरसंचालनीयता और संस्थागत क्षमता में सुधार के लिए व्यावहारिक अनुशंसाएं करती है। यह भारत में लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण को सुदृढ़ करने और स्थानीय सार्वजनिक वित्त को मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध सभी लोगों, राज्य सरकारों, राज्य वित्त आयोगों, संवैधानिक निकायों, आर्थिक शोधकर्ताओं और अन्य के लिए एक प्रामाणिक संदर्भ ग्रंथ के रूप में कार्य करेगी।

Editor

Recent Posts

बिहार में बाढ़ की आशंका को देखते हुए तैयारियां तेज, मुख्यमंत्री ने उच्चस्तरीय टीम गठित की

नेपाल में मूसलाधार बारिश और ग्‍लेशियर फटने से बिहार में आई अचानक बाढ़ और गंडक…

13 घंटे ago

नेपाल के रसुवा में अचानक आई बाढ़ में 384 पर्यटक लापता, 105 भारतीय

नेपाल-तिब्बत सीमा के पास रसुवा क्षेत्र में आज सुबह भोटे कोशी नदी में अचानक आई…

13 घंटे ago

भारत और सेशेल्स ने मत्स्य पालन, जलीय कृषि और नीली अर्थव्यवस्था में रणनीतिक सहयोग को मज़बूत करने के लिए उच्च-स्तरीय द्विपक्षीय बैठक की

मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय (एमओएफएएचएंडडी), भारत सरकार के मत्स्य पालन विभाग ने 25 अगस्त…

13 घंटे ago

आईसीएटी ने 15-मीटर लंबी मल्टी-एक्सल स्लीपर बस के लिए पहला अनुपालन प्रमाण-पत्र जारी किया

मानेसर, हरियाणा: भारत के यात्री परिवहन क्षेत्र से संबंधित एक अहम घटनाक्रम में, इंटरनेशनल सेंटर…

13 घंटे ago

IICT और Netflix 6 कार्यक्रमों के माध्यम से स्कॉलरशिप देकर भारतीय कहानीकारों की अगली पीढ़ी का समर्थन करेंगे

भारतीय रचनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईसीटी) और नेटफ्लिक्स ने 100 छात्रों के लिए स्कॉलरशिप की घोषणा…

13 घंटे ago

भारत ने मंगोलिया के उलानबटार में आयोजित UNCCD COP17 में चरागाहों के सामुदायिक-नेतृत्व वाले पुनर्स्थापन का आह्वान किया

भारत ने पशुपालक समुदायों के भरण-पोषण, जैव-विविधता के संरक्षण और जल व कार्बन चक्रों को…

13 घंटे ago