पंजाब के अधिकांश जिलों में भू-जल स्तर में तेजी से गिरावट के कारण पानी की अत्यधिक कमी हो गई है। राज्य के आठ जिलों में स्थिति बहुत चिंताजनक है। नौ जिलों में जलस्तर गंभीर स्थिति में पहुंच गया है।
सबसे खराब हालात मुख्यमंत्री के अपने ज़िले संगरूर में हैं जहां का जलस्तर करीब 44 मीटर से भी अधिक नीचे तक पहुंच गया है। पटियाला, पठानकोट, जालंधर, होशियारपुर, रोपड़, कपूरथला, तरनतारन व शहीद भगत सिंह नगर ज़िलों में भी जलस्तर लगातार नीचे जा रहा है और इन ज़िलों में यह 28 से 43 मीटर के बीच में है। अधिक जल दोहन के चलते राज्य का करीब 78 फीसदी क्षेत्र डार्क जोन में है। कृषि विशेषज्ञ इसका प्रमुख कारण धान की फसल को मानते हैं।
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