भारत

भारत रत्न डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि पर राष्ट्र अर्पित कर रहा श्रद्धांजलि

पूर्व राष्ट्रपति और प्रख्यात वैज्ञानिक डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि पर आज कृतज्ञ राष्ट्र उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है। डॉ. अब्दुल कलाम ने भारत के अंतरिक्ष और मिसाइल विकास कार्यक्रमों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। डॉ. अब्दुल कलाम को ‘भारत का मिसाइल मैन’ भी कहा जाता है। उनका निधन 2015 में आज ही के दिन हुआ था।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। गृह मंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को भारत के अंतरिक्ष और मिसाइल कार्यक्रमों का जनक बताया। अमित शाह ने कहा कि विज्ञान के क्षेत्र में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की उत्कृष्टता ने भारत को एक शक्तिशाली रणनीतिक शक्ति बनने की राह दिखाई। अमित शाह ने कहा कि डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के ज्ञान ने लाखों लोगों को महानता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। गृहमंत्री ने कहा कि डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम देशभक्तों के लिए सदा आदर्श बने रहेंगे।

Editor

Recent Posts

प्रधानमंत्री मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि…

3 घंटे ago

ओडिशा में बाढ़ से राज्‍य के उत्तरी क्षेत्र में जन-जीवन प्रभावित, मौसम विभाग ने मूसलाधार बारिश जारी रहने का अनुमान जताया

ओडिशा की बैतरानी नदी में बाढ़ से राज्‍य के उत्तरी क्षेत्र में जन-जीवन प्रभावित हो…

4 घंटे ago

राष्‍ट्रपति भवन का अमृत उद्यान आज से 15 सितम्‍बर तक आम जनता के लिए खुला रहेगा

राष्‍ट्रपति भवन का अमृत उद्यान आज से 15 सितम्‍बर तक आम जनता के लिए खुला…

4 घंटे ago

सरकार ने छोटे करदाताओं के लिए विदेशी संपत्ति की जानकारी देने वाली योजना शुरू की

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने विदेशी संपत्तियों से जुड़े छोटे करदाताओं के लिए विदेशी संपत्ति…

4 घंटे ago

50 से अधिक देशों से होकर गुजरी ‘सूर्यपथ तिरंगा’ वैश्विक रिले सैन फ्रांसिस्को में संपन्न

भारत के स्वतंत्रता दिवस के भव्य वैश्विक समारोह के अंतर्गत, हर घर तिरंगा 2026 की एक विशेष पहल ‘सूर्यपथ तिरंगा’ ने राष्ट्रीय ध्वज की भावना को पूरी दुनिया में पहुंचाया। यह पहल उगते सूर्य के पथ का अनुसरण करते हुए फिजी में भारतीय समयानुसार रात डेढ़ बजे से सैन फ्रांसिस्को में रात साढ़े आठ बजे भारतीय समयानुसार तक तक चली। इस अनूठे वैश्विक रिले ने विभिन्न देशों और महाद्वीपों में स्थित 54 मिशनों और पोस्टों को जोड़ा तथा सूर्य की गति को दुनिया भर में तिरंगे की प्रतीकात्मक यात्रा में परिवर्तित कर दिया। फिजी के सुवा में भारतीय समयानुसार रात डेढ़ बजे से शुरू होकर तिरंगा न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, जापान, कोरिया गणराज्य, चीन, इंडोनेशिया, वियतनाम,…

4 घंटे ago

नाबार्ड द्वारा विकसित आरएसवीसी-अमृत प्लेटफॉर्म का शुभारंभ

भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार, प्रोफेसर अजय कुमार सूद ने 15 अगस्त 2025 को,…

19 घंटे ago