राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने उस मीडिया रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लिया है जिसमें कहा गया है कि छत्तीसगढ़ की विभिन्न जेलों में पिछले चार वर्षों में कुल 285 कैदियों की मौत हुई है, जिनमें से सबसे अधिक 90 मौतें 2022 में और 66 मौतें जनवरी 2025 से 31 जनवरी 2026 के बीच हुईं। खबरों के अनुसार, राज्य सरकार ने विधानसभा में कैदियों की मौत के पीछे आत्महत्या और लम्बी बीमारियों को कारण बताया है।
23 मार्च 2026 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, राज्य की अधिकांश जेलों में उनकी क्षमता अधिक कैदी भरे हुए हैं, जिसके कारण कैदियों में संक्रमण और मानसिक तनाव बढ़ रहा है। अधिकांश जेलों में कैदियों के चिकित्सा उपचार के लिए डॉक्टरों और मनोचिकित्सकों की कमी है।
आयोग ने कहा है कि यदि समाचार रिपोर्ट में दी गई जानकारी सही है, तो यह पीड़ितों के मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का मामला बनता है। इसलिए, आयोग ने छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव और कारागार महानिदेशक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने रिपोर्ट में जेलों में कथित रूप से अधिक भीड़भाड़, डॉक्टरों के रिक्त पदों और इस समस्या के समाधान के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों से संबंधित आंकड़े भी शामिल करने को कहा है।
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