राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने मीडिया में छपी उस खबर का स्वतः संज्ञान लिया है जिसमें बताया गया है कि हरियाणा में अंबाला जिले के शाहजादपुर में दूषित पेयजल के सेवन से पीलिया के कारण एक 12 वर्षीय लड़की की मृत्यु हो गई। इलाके में कई अन्य बच्चों में भी पीलिया की पुष्टि हुई है। निवासियों का आरोप है कि क्षेत्र में सार्वजनिक नल से आपूर्ति किया जा रहा पेयजल दूषित है।
आयोग ने पाया है कि समाचार रिपोर्ट में उल्लिखित तथ्य, यदि सत्य हैं, तो यह मानवाधिकारों के उल्लंघन का गंभीर मुद्दा हैं। तदनुसार, आयोग ने हरियाणा के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने कहा है कि रिपोर्ट में उपचार करा रहे पीड़ित बच्चों की स्वास्थ्य स्थिति और प्रशासन की ओर से इस समस्या के समाधान के लिए उठाए जा रहे कदमों का विवरण शामिल होना चाहिए।
3 अगस्त 2026 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, शुरू में लड़की का इलाज स्थानीय अस्पताल में पीलिया के लिए किया गया था। उसकी हालत बिगड़ने पर उसे चंडीगढ़ के पीजीआईएमईआर में रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।
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