राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने एक मीडिया रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लिया है, जिसमें बताया गया है कि 2 जुलाई 2026 को कर्नाटक के बेंगलुरु में एक खदान में विशाल ग्रेनाइट चट्टान के गिरने से कम से कम 7 प्रवासी मजदूरों की मौत हो गई और 5 अन्य घायल हो गए। खबरों के मुताबिक खदान मालिक की लापरवाही से यह घटना हुई है। घटना के वक्त लगभग 16 मजदूर खदान स्थल पर काम कर रहे थे।
आयोग ने कहा है कि यदि समाचार रिपोर्ट की बातें सच हैं, तो इससे मानवाधिकारों के उल्लंघन का गंभीर मामला बनता है। इसलिए, आयोग ने कर्नाटक सरकार के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
3 जुलाई 2026 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, घटना स्थल पर दो स्टोन क्रशर मशीनें चल रही थीं। घटना के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
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भारत के स्वतंत्रता दिवस के भव्य वैश्विक समारोह के अंतर्गत, हर घर तिरंगा 2026 की एक विशेष पहल ‘सूर्यपथ तिरंगा’ ने राष्ट्रीय ध्वज की भावना को पूरी दुनिया में पहुंचाया। यह पहल उगते सूर्य के पथ का अनुसरण करते हुए फिजी में भारतीय समयानुसार रात डेढ़ बजे से सैन फ्रांसिस्को में रात साढ़े आठ बजे भारतीय समयानुसार तक तक चली। इस अनूठे वैश्विक रिले ने विभिन्न देशों और महाद्वीपों में स्थित 54 मिशनों और पोस्टों को जोड़ा तथा सूर्य की गति को दुनिया भर में तिरंगे की प्रतीकात्मक यात्रा में परिवर्तित कर दिया। फिजी के सुवा में भारतीय समयानुसार रात डेढ़ बजे से शुरू होकर तिरंगा न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, जापान, कोरिया गणराज्य, चीन, इंडोनेशिया, वियतनाम,…
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