भारत के राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने मीडिया में प्रकाशित उन समाचारों पर स्वतः संज्ञान लिया है, जिनके अनुसार 19 मई 2026 को हरियाणा के रेवाड़ी जिले के एक औद्योगिक क्षेत्र में स्थित रासायनिक कारखाने में हुए विस्फोट में छह व्यक्ति घायल हो गए। बताया गया है कि कारखाने के चिलिंग प्लांट में मरम्मत कार्य चल रहा था, तभी विस्फोट के कारण आग लग गई। उपचार के दौरान 20 मई 2026 को एक श्रमिक की अस्पताल में मृत्यु हो गई। दो अन्य श्रमिकों के कंकाल अवशेष कारखाने से बरामद किए गए।
आयोग ने अवलोकन किया है कि समाचार रिपोर्ट की सामग्री, यदि सत्य है, तो यह पीड़ितों के मानवाधिकारों के उल्लंघन का गंभीर मामला उठाती है। इसलिए, आयोग ने हरियाणा के मुख्य सचिव तथा रेवाड़ी के पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी कर मामले में दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट में घायलों के स्वास्थ्य की स्थिति तथा मृतकों के परिजनों और घायलों को प्रदान किए गए मुआवजे, यदि कोई हो, का विवरण शामिल किए जाने की अपेक्षा की गई है।
पिछले पाँच दिनों के दौरान प्रकाशित हुईं मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उक्त कारखाने में घरेलू तथा विदेशी बाजारों के लिए रासायनिक उत्पाद, औद्योगिक स्याही और एल्युमिनियम फॉयल का निर्माण किया जाता है। कई विस्फोटों के बाद कारखाने के लगभग 300 कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC), भारत ने एक मीडिया रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लिया है, जिसके…
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