भारत

नीति आयोग ने आज पूर्वोत्तर राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ एक संवाद बैठक की

नीति आयोग ने आज पूर्वोत्तर राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ एक संवाद बैठक की, जिसमें अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा सहित सभी आठ राज्यों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में विकास प्राथमिकताओं, नवाचारों और चुनौतियों पर चर्चा हुई। नीति आयोग के उपाध्यक्ष अशोक लाहिड़ी तथा आयोग के सदस्यों और मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा संचालित संवाद बैठक में पूर्वोत्तर राज्यों के मुख्य सचिवों और वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया। बैठक में रचनात्मक और परिणामोन्मुखी चर्चा हुई।

अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने पूर्वोत्तर क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा कि यह विकास के एक प्रमुख इंजन के रूप में उभर रहा है। अरुणाचल प्रदेश की जलविद्युत क्षेत्र सहित अपार संभावनाओं की चर्चा करते हुए उन्होंने मानव संसाधनों के कौशल और क्षमता विकास को और अधिक सुदृढ़ बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने राज्य में क्रियान्वित अभिनव शासन पहल ‘सरकार आपके द्वार’, ‘सेवा आपके द्वार’ और ‘कैबिनेट आपके द्वार’ की जानकारी दी जिनका उद्देश्य कुशल सेवा वितरण और जन शिकायतों का शीघ्रता से निवारण सुनिश्चित करना है।

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि क्षेत्रीय असमानताओं से बचने और समावेशी विकास सुनिश्चित करने के लिए विकास में संतुलन आवश्यक है। उन्होंने असम-नागालैंड सीमावर्ती क्षेत्रों में खनिज तेल संचालन सुगम बनाने के लिए केंद्र सरकार, असम सरकार और नागालैंड सरकार के बीच कल हस्ताक्षर किए गए ऐतिहासिक त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन की सराहना की और इसे सहयोगात्मक विकास का आदर्श रूप बताया। हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि असम सामाजिक विकास संकेतकों में महत्वपूर्ण प्रगति कर रहा है और देश में सबसे तेज विकासशील राज्य बनकर उभरा है। इस प्रगति को बनाए रखने और इसे और अधिक गतिशील बनाने के लिए उन्होंने क्षेत्रीय आवश्यकताएं पूरी करने पर जोर दिया।

संवाद बैठक में मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने कहा कि आर्थिक विकास सार्थक मानवीय विकास में परिवर्तित होना चाहिए। उन्होंने मेघालय की दृष्टियोजना ‘ ट्रांसफॉर्मेशन जर्नी 2032 ‘ साझा की, जिसका उद्देश्य विकसित मेघालय का लक्ष्य हासिल करना है।

कॉनराड के. संगमा ने महत्वपूर्ण अवसंरचना निर्माण और विकास गति में बाह्य सहायता प्राप्त परियोजनाओं की अहम भूमिका की चर्चा की। उन्होंने व्यापार, निर्यात और पर्यावरण संवहनीयता के क्षेत्रों में पूर्वोत्तर राज्यों के बीच सहयोग बढ़ाने का पक्ष रखते हुए इस क्षेत्र की विशिष्ट आवश्यकता अनुरूप नीतियां बनाने की आवश्यकता बताई।

मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने अपने संबोधन में राज्य की अपार पर्यटन क्षमता का उल्लेख किया और स्वयं सहायता समूहों तथा स्थानीय समुदायों द्वारा संचालित सफल सामुदायिक पर्यटन मॉडल की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में मिजोरम में पर्यटकों की संख्या में कई गुना वृद्धि हुई है। उन्होंने मिजोरम जिंजर मिशन के लिए भी समर्थन मांगा और पूर्वोत्तर राज्यों की प्राय: पात्रता संबंधी चुनौतियों के समाधान के लिए केंद्र प्रायोजित योजनाओं में अधिक अनुकूलता की आवश्यकता पर जोर दिया।

नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफिउ रियो ने राज्य में विकास की गति जारी रखने के लिए 15वें वित्त आयोग की सहायता जारी रखने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने नई ढांचागत परियोजनाओं, आर्थिक गतिविधियों में विस्तार, तेल और गैस की खोज और कृषि क्षेत्र सुदृढ़ बनाने की संभावनाओं का उल्लेख किया। नेफिउ रियो ने परिवहन बुनियादी अवसंरचना में सुधार और नागालैंड के कॉफी जैसे उत्पादों के लिए वैश्विक बाजार तक पहुंच बढ़ाने की आवश्यकता बताई। सहयोगात्मक विकास की प्रतिबद्धता दोहराते हुए, नेफिउ रियो ने विकसित भारत के साझा दृष्टिकोण के प्रति समर्थन व्यक्त किया।

मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने राज्य में पुनर्वास और पुनर्स्थापन उपायों का उल्लेख किया। पुनर्निर्माण और आवास संबंधी पहल के समय पर कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने सुदृढ़ निगरानी तंत्र स्थापित करने के महत्व पर जोर दिया। वाई. खेमचंद सिंह ने प्रभावित समुदायों को सहायता देने और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए समन्वित प्रयासों पर जोर दिया।

सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने राज्य के विकास में पर्यटन, संपर्क साधन और डिजिटल अवसंरचना की महत्वपूर्ण भूमिका की चर्चा की। उन्होंने समूचे पूर्वोत्तर क्षेत्र में पहुंच और आर्थिक अवसर बढ़ाने के लिए व्यावसायिक तौर पर लाभप्रद हवाई संपर्क और बेहतर डिजिटल अवसंरचना की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रेम सिंह तमांग ने औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने, निवेश आकर्षित करने और रोजगार सृजन के लिए पूर्वोत्तर औद्योगिक विकास योजना -एनईआईडीएस जारी रखने की बात कही। पूर्वोत्तर क्षेत्र की विशिष्ट जनसांख्यिकीय और पारिस्थितिक वास्तविकताएं प्रतिबिंबित करने वाले नीतिगत ढांचे के महत्व की चर्चा करते हुए उन्होंने सतत विकास सुनिश्चित करने पर बल दिया।

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने राज्य की भौगोलिक कठिनाईयों, विस्तृत अंतरराष्ट्रीय सीमा और कौशल विकास में कमी की बात कही और आर्थिक विकास और निवेश को गति देने के लिए लक्षित उपाय करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि एकीकृत सीमा चौकी, रेल सेवाएं और हवाई संपर्क सहित व्यापार और संपर्क साधन अवसंरचना बेहतर बनाने की आवश्यकता है। डॉ. साहा ने राज्य में बांस, रबर, वस्त्र, फार्मास्यूटिकल्स, खेल और पर्यटन जैसे क्षेत्रों की क्षमता का उल्लेख करते हुए कौशल विकास, नवाचार, मूल्यवर्धन और निर्यात प्रोत्साहन के लिए अधिक सहायता का अनुरोध किया। स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा अवसंरचना बेहतर बनाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए ​​उन्होंने कहा कि त्रिपुरा उन चुनिंदा राज्यों में शामिल है जिसने ‘विकसित त्रिपुरा’ विजन दस्तावेज के रूप में अपनी भविष्य विकास योजना तैयार की है।

नीति आयोग के साथ पूर्वोत्तर राज्यों के मुख्यमंत्रियों की संवाद बैठक में कृषि, ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, कौशल विकास, पर्यटन, आजीविका, अवसंरचना आदि जैसे क्षेत्रों में सफल पहल, नीतिगत नवाचारों और प्रभावशाली विकास योजनाएं साझा करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।

नीति आयोग की सदस्य जोरम अनिया ने समापन संबोधन में सभी प्रतिभागियों को अपने राज्यों की प्रगति, उपलब्धियां और विकास प्राथमिकताएं साझा करने पर धन्यवाद दिया। उन्होंने चर्चा में उठाए गए मुद्दों और सुझावों पर गौर करते हुए कहा कि नीति आयोग पूर्वोत्तर क्षेत्र के राज्यों में विकास कार्य सुगम बनाने के लिए संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के साथ मिलकर काम करना जारी रखेगा।

Editor

Recent Posts

भारत ने सिंधु जल संधि पर संयुक्‍त राष्‍ट्र में पाकिस्तान की टिप्पणियों को खारिज किया

भारत ने सिंधु जल संधि पर संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की टिप्पणियों को खारिज कर…

2 घंटे ago

खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने स्कॉटलैंड के ग्लासगो में राष्ट्रमंडल खेल मंत्रियों की बैठक को संबोधित किया

केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने स्कॉटलैंड के ग्लासगो में राष्‍ट्रमंडल देशों के खेल…

2 घंटे ago

सरकार ने वैज्ञानिक सत्यापन के आधार पर ई20 पेट्रोल की सुरक्षा और निष्पादन की पुष्टि की

एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (ईबीपी) कार्यक्रम को नीति आयोग, ऑटोमोबाइल निर्माताओं, तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी), ऑटोमोटिव…

2 घंटे ago

CSIR की चार प्रौद्योगिकी इंडस्ट्री को सौंपी गईं और स्मार्ट ग्रामीण जल निगरानी प्रौद्योगिकी कमर्शियली लॉन्च की गई

वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) ने आज नई दिल्ली में सीएसआईआर मुख्यालय में एक…

2 घंटे ago

प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए पेपर लीक मामलों में फास्ट-ट्रैक अदालतों के गठन की घोषणा की

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज रेखांकित किया कि देश के युवाओं का कल्याण और उनका…

6 घंटे ago