उच्चतम न्यायालय ने पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड से जुड़े भ्रामक विज्ञापनों के मामले में कार्रवाई न करने के लिए उत्तराखंड राज्य लाइसेंसिंग प्राधिकरण को को फटकार लगायी। प्राधिकरण द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण पर असंतोष जताते हुए न्यायमूर्ति हिमा कोहली और न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की पीठ ने कहा कि ऐसा लगता है कि लाइसेंसिंग प्राधिकरण शीर्ष न्यायालय का 10 अप्रैल का आदेश मिलने के बाद ही कानून के अनुसार कार्रवाई करने के लिए सक्रिय हुआ। पीठ ने कहा, ‘‘अगर आप सहानुभूति और अनुकंपा चाहते हैं तो अदालत के प्रति ईमानदार रहें।’’ न्यायालय ने कहा कि उसकी मुख्य चिंता यह है कि क्या लाइसेंसिंग प्राधिकरण ने मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई की।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बिहार सरकार में मंत्री पद की शपथ लेने वाले सभी मंत्रियों…
केन्द्रीय इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत संचालित प्रमुख पहल इंडियाएआई ने आज भारतीय…
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया। पटना के गांधी…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर के आज एक वर्ष पूरे होने पर सशस्त्र बलों…
विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार, नीति और कूटनीति के क्षेत्र में सहयोग को सुदृढ़ करने के लिए,…
आत्मनिर्भर भारत के अंतर्गत स्वच्छ ऊर्जा परिवहन को बढ़ावा देने, कार्बन उत्सर्जन को कम करने…