प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पोलैंड गणराज्य के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क से आज वारसॉ में मुलाकात की। फेडरल चांसलरी पहुंचने पर, प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने प्रधानमंत्री की आगवानी की और उनका औपचारिक स्वागत किया गया।
दोनों नेताओं ने सीमित और प्रतिनिधिमंडल स्तर के प्रारूप में बातचीत की। भारत-पोलैंड संबंधों की महत्ता को देखते हुए, दोनों नेताओं ने इस रिश्ते को उन्नत करके एक ‘रणनीतिक साझेदारी’ में बदलने का निर्णय लिया। दोनों नेताओं ने व्यापार एवं निवेश, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, रक्षा एवं सुरक्षा, सांस्कृतिक सहयोग और दोनों देशों के लोगों के बीच पारस्परिक संबंधों सहित द्विपक्षीय साझेदारी के विभिन्न पहलुओं पर व्यापक चर्चा की। दोनों नेता इस बात पर सहमत हुए कि खाद्य प्रसंस्करण, शहरी बुनियादी ढांचे, जल, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, इलेक्ट्रिक वाहन, हरित हाइड्रोजन, नवीकरणीय ऊर्जा, एआई, खनन तथा स्वच्छ प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में आर्थिक एवं व्यावसायिक सहयोग के महत्वपूर्ण अवसर उपलब्ध हैं।
दोनों नेताओं ने दोनों देशों के लोगों के बीच पारस्परिक संबंधों और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने के महत्व को रेखांकित किया। इस संदर्भ में, उन्होंने जामनगर के महाराजा और कोल्हापुर के शाही परिवार की उदारता पर आधारित दोनों देशों के बीच के अनूठे बंधन पर प्रकाश डाला।
दोनों नेताओं ने यूक्रेन और पश्चिम एशिया के संघर्षों सहित आपसी हित के महत्वपूर्ण क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा की। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र एवं अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में सुधार, जलवायु परिवर्तन से संबंधित कार्रवाई और आतंकवाद से उत्पन्न खतरों पर विचारों का आदान-प्रदान किया।
बैठक के बाद भारत-पोलैंड रणनीतिक साझेदारी के कार्यान्वयन हेतु एक संयुक्त वक्तव्य और एक कार्य योजना [2024-2028] जारी की गई।
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