प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज महात्मा ज्योतिराव फुले की जयंती पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें एक दूरदर्शी समाज सुधारक बताया, जिन्होंने अपना जीवन समानता, न्याय और शिक्षा के आदर्शों के लिए समर्पित किया।
प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया कि महात्मा फुले महिलाओं और वंचित वर्गों के अधिकारों के पक्षधर के रूप में अग्रणी थे तथा उनके प्रयासों से शिक्षा सशक्तीकरण का एक प्रभावी माध्यम बनी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि इस वर्ष महान समाज सुधारक की 200वीं जयंती समारोहों का महत्वपूर्ण शुभारंभ हो रहा है। इस अवसर को चिह्नित करने के लिए प्रधानमंत्री ने एक लेख लिखकर साझा किया कि महात्मा फुले आज भी अनेक लोगों के लिए प्रेरणापुंज हैं और शिक्षा, ज्ञान तथा जन कल्याण पर उनका जोर आज के समय में भी अत्यंत प्रासंगिक है। प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कामना की कि उनके विचार समाज की प्रगति के प्रयासों में सभी का मार्गदर्शन करते रहें।
एक्स पर पोस्टों की एक श्रृंखला में प्रधानमंत्री ने लिखा: “महात्मा ज्योतिराव फुले की जयंती पर एक दूरदर्शी समाज सुधारक को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ, जिन्होंने अपना जीवन समानता, न्याय और शिक्षा के आदर्शों के लिए समर्पित किया। वे महिलाओं और वंचित वर्गों के अधिकारों के अग्रणी पक्षधर भी थे। उनके प्रयासों से शिक्षा सशक्तीकरण का एक प्रभावी माध्यम बनी। इस वर्ष हम उनकी 200वीं जयंती समारोहों की शुरुआत कर रहे हैं। उनके विचार समाज की प्रगति के प्रयासों में सभी का मार्गदर्शन करते रहें।”
देश में खुदरा महंगाई जुलाई में वार्षिक आधार पर बढ़कर 4.45 प्रतिशत हो गई। गौरतलब…
संसद ने केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026 को पारित कर दिया है। राज्यसभा ने आज…
केंद्र सरकार उच्च शिक्षा में अनुसूचित जाति (एससी) के छात्रों के सकल नामांकन अनुपात को…
संसद ने राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026 को पारित कर दिया है। राज्यसभा…
गुजरात में सड़क यातायात की सुरक्षित और सुगम आवाजाही की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम…
कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन तथा प्रधानमंत्री कार्यालय के राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने…