प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत और चीन के बीच असामान्य सम्बन्धों को दूर करने के लिये दोनों देशों के सीमा मुद्दों का तत्काल समाधान करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भारत और चीन के बीच स्थाई और शांतिपूर्ण सम्बन्ध न केवल दोनों देशों के लिए बल्कि समूचे क्षेत्र और विश्व के लिए महत्वपूर्ण हैं। एक साक्षात्कार में प्रधानमंत्री ने आशा व्यक्त की कि राजनयिक और सैन्य स्तर पर सकारात्मक और रचनात्मक बातचीत के माध्यम से दोनों देश सीमा पर शांति और स्थिरता बहाल करने में सक्षम होंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय लोकतंत्र के बारे में कहा कि देश में मतदाओं की लगातार बढती भागीदारी लोकतंत्र के प्रति लोगों के विश्वास का बडा प्रमाण है। उन्होंने कहा कि विश्व में सबसे बडे लोकतंत्र के रूप में वर्ष 2019 के आम चुनाव में 60 करोड से अधिक लोगों ने मतदान किया था। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस बार के चुनाव में देश के 97 करोड से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि देशभर में दस लाख से अधिक मतदान केन्द्र बनाए जाएंगे।
विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने मनीला में 33वें ASEAN रीजनल फोरम (ARF) मिनिस्टीरियल मीटिंग…
पाकिस्तान के कब्ज़े वाले जम्मू कश्मीर में स्वैच्छिक बंद और चक्का जाम हड़ताल जारी है।…
चीन के चांगझोउ में चल रहे चाइना ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट में भारत की पी. वी.…
23वें राष्ट्रमंडल खेलों का शुभारंभ आज स्कॉटलैंड के ग्लासगो में हो रहा है। 10 दिवसीय…
केंद्र सरकार ने तमिलनाडु में एक हज़ार बारह करोड़ रुपये से अधिक के संयुक्त निवेश…
केन्या में भारत के उच्चायुक्त डॉ. आदर्श स्वाइका ने कल नैरोबी में स्वास्थ्य कैबिनेट सचिव…