प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आत्मनिर्भर भारत पर बल देते हुए कहा है कि भारत का सबसे बड़ा दुश्मन विदेशों पर उसकी निर्भरता है और देश को इससे बाहर निकलना होगा। कल गुजरात के भावनगर में ‘समुद्र से समृद्धि’ कार्यक्रम में उन्होंने सेमीकंडक्टर चिप्स से लेकर शिप्स तक सभी क्षेत्रों में घरेलू उत्पादन के महत्व का उल्लेख किया।
देश के विकास के संकल्प को हम दूसरों की निर्भरता पर नहीं छोड़ सकते हम भावी पीढ़ी के भविष्यें को दाव पर नहीं लगा सकते और इसलिए भाइयों और बहनों सौ दुखों की एक ही दवाईं है और वो हैं आत्मनिर्भर भारत लेकिन इसके लिए हमें दूसरे देशों पर अपनी निर्भरता लगातार कम करते जाना होगा।
भारत को एक समुद्री महाशक्ति बनाने के अपनी सरकार के दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश का लक्ष्य 2047 तक वैश्विक समुद्री व्यापार में अपनी हिस्सेदारी को तीन गुना बढ़ाना है। प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि यह क्षेत्र जल्द ही “एक राष्ट्र, एक बंदरगाह प्रक्रिया” को अपनाएगा, जिसका उद्देश्य पूरे देश में बंदरगाह प्रक्रिया को सरल बनाना है।
भारत को दुनिया की एक बड़ी समुद्री शक्ति बनाने के लिए तीन और बड़ी स्किल पर भारत सरकार काम कर रही हैं। इन तीन योजनाओं से शिप बिल्डिंग सेक्टर को आर्थिक मदद मिलने में आसानी होगी। हमारे शिपयॉर्डस को मॉडर्न टेक्नोलॉजी अपनाने में मदद होगी और डिजाइन और क्वालिटी सुधारने में भी बहुत मदद मिलने वाली है। इन पर आने वाले वर्षों में 70 हजार करोड रुपए से ज्यादा खर्च किए जाएंगे।
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