प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम‑किसान) की 23वीं किस्त जारी करने के साथ‑साथ प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना, डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के तहत एग्रीटेक, राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन तथा प्रधानमंत्री धन‑धान्य कृषि योजना जैसी महत्वपूर्ण पहलों की शुरुआत करेंगे जिनसे किसानों की आय, ग्रामीण बुनियादी ढांचे और समावेशी विकास को व्यापक बल मिलेगा और प. बंगाल का कृषि परिदृश्य भी बदल जाएगा।
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी हुगली ज़िले के तारकेश्वर से “पीएम‑किसान” की 23वीं किस्त जारी करेंगे। इसके अंतर्गत देशभर के 9.44 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में लगभग 18,880 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की जाएगी जिससे छोटे एवं सीमांत किसानों की आय सुरक्षा और मज़बूत होगी। उन्होंने बताया कि केवल प. बंगाल में ही 45.35 लाख से अधिक लाभार्थी किसानों को लगभग 907 करोड़ रु. की किस्त प्राप्त होगी। इसके साथ ही राज्य में पीएम‑किसान योजना के अंतर्गत अब तक वितरित कुल राशि 15,055 करोड़ रु. से अधिक हो जाएगी जबकि 2019 में योजना की शुरुआत से लेकर पूरे देश में कुल वितरण 4.46 लाख करोड़ रु. से ऊपर पहुंच जाएगा।
कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री जी प. बंगाल में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) और पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना (RWBCIS) का भी शुभारंभ करेंगे, जिनकी संयुक्त लागत लगभग 12,200 करोड़ रु. है। वित्त वर्ष 2026‑27 के दौरान इन योजनाओं के माध्यम से लगभग 1.10 करोड़ किसानों को 30 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि पर फसल बीमा सुरक्षा प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है जिसके तहत लगभग 28,140 करोड़ रु. मूल्य की फसलें बीमा संरक्षण के दायरे में आएंगी।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने बताया कि डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के अंतर्गत प्रधानमंत्री मोदी प. बंगाल में एग्रीटेक प्लेटफॉर्म की शुरुआत करेंगे जो उर्वरक वितरण, किसान क्रेडिट कार्ड, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण और न्यूनतम समर्थन मूल्य आधारित सरकारी खरीद जैसी सेवाओं के लिए एकीकृत डिजिटल मंच उपलब्ध कराएगा। इससे किसानों को समय पर सूचनाएं, पारदर्शी सेवाएं और बेहतर बाज़ार अवसर मिलेंगे।
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन का भी शुभारंभ करेंगे जिसके तहत अनुमोदित कार्ययोजना के अनुसार वित्त वर्ष 2026‑27 में राज्य के 17,300 हेक्टेयर क्षेत्र में 346 प्राकृतिक कृषि क्लस्टर स्थापित किए जाएंगे। इन क्लस्टरों से 43,250 किसानों को जैव‑आधारित इनपुट, प्रशिक्षण और बाजार तक बेहतर पहुंच का लाभ मिलेगा, साथ ही जैव‑आधारित संसाधन केंद्रों और कृषि सखियों के माध्यम से प्राकृतिक खेती की दिशा में बड़े पैमाने पर परिवर्तन को प्रोत्साहन मिलेगा।
इसके साथ ही पीएम मोदी प्रधानमंत्री धन‑धान्य कृषि योजना की भी शुरुआत करेंगे जो पुरुलिया, दार्जिलिंग, अलीपुरद्वार और झाड़ग्राम ज़िलों में लागू होगी। इस योजना का उद्देश्य कृषि उत्पादकता बढ़ाने, फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने, भंडारण एवं प्रसंस्करण जैसी फसलोत्तर अवसंरचना को सुदृढ़ करने तथा विभिन्न ग्रामीण विकास योजनाओं के समन्वित क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना है जिससे किसानों और ग्रामीण युवाओं के लिए नए रोज़गार और उद्यमिता के अवसर पैदा होंगे।
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