प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को विश्व संस्कृत दिवस के मौके पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और इस प्राचीन भाषा को बढ़ावा देने के लिए प्रयास कर रहे लोगों की सराहना की। उन्होंने संस्कृत भाषा में ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘विश्व संस्कृत दिवस की शुभकामनाएं। मैं उन लोगों को हृदय से बधाई देता हूं जो संस्कृत से प्यार करते हैं और इस महान भाषा को बढ़ावा देने का प्रयास कर रहे हैं।’’
विश्व संस्कृत दिवस प्रत्येक वर्ष श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। प्रतिष्ठित संस्कृत विद्वान और व्याकरणविद् पाणिनि की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि के तौर पर यह दिन मनाया जाता है। यह दिन संस्कृत भाषा के प्रति कृतज्ञता और सम्मान प्रकट करने के लिये मनाया जाता है। पहला विश्व संस्कृत दिवस वर्ष 1969 में मनाया गया था।
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भारत के स्वतंत्रता दिवस के भव्य वैश्विक समारोह के अंतर्गत, हर घर तिरंगा 2026 की एक विशेष पहल ‘सूर्यपथ तिरंगा’ ने राष्ट्रीय ध्वज की भावना को पूरी दुनिया में पहुंचाया। यह पहल उगते सूर्य के पथ का अनुसरण करते हुए फिजी में भारतीय समयानुसार रात डेढ़ बजे से सैन फ्रांसिस्को में रात साढ़े आठ बजे भारतीय समयानुसार तक तक चली। इस अनूठे वैश्विक रिले ने विभिन्न देशों और महाद्वीपों में स्थित 54 मिशनों और पोस्टों को जोड़ा तथा सूर्य की गति को दुनिया भर में तिरंगे की प्रतीकात्मक यात्रा में परिवर्तित कर दिया। फिजी के सुवा में भारतीय समयानुसार रात डेढ़ बजे से शुरू होकर तिरंगा न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, जापान, कोरिया गणराज्य, चीन, इंडोनेशिया, वियतनाम,…
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