प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मॉरीशस के प्रधानमंत्री महामहिम नवीनचंद्र रामगुलाम के साथ आज ट्रायोन कन्वेंशन सेंटर में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में मॉरीशस के भारतीय समुदाय और भारत के मित्रों की एक सभा को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में छात्रों, पेशेवरों, सामाजिक-सांस्कृतिक संगठनों और व्यापार जगत के अग्रणी व्यक्तियों सहित भारतीय प्रवासियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही। इसमें मॉरीशस के कई मंत्री, संसद सदस्य और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी शामिल हुए।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री रामगुलाम ने घोषणा की कि मॉरीशस, राष्ट्रीय दिवस समारोह के दौरान भारत के प्रधानमंत्री को अपना सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार ‘ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार एंड की ऑफ द इंडियन ओशन [जी.सी.एस.के.]’ प्रदान करेगा। प्रधानमंत्री ने इस असाधारण सम्मान के लिए उनका आभार व्यक्त किया।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने मॉरीशस के प्रधानमंत्री को उनकी गर्मजोशी और मित्रता तथा दोनों देशों के बीच जीवंत और विशेष संबंधों को मजबूत करने में उनके योगदान के लिए धन्यवाद दिया। एक विशेष भाव व्यक्त करते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री रामगुलाम और उनकी पत्नी वीना रामगुलाम को ओसीआई कार्ड सौंपे। मॉरीशस के लोगों को उनके राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर शुभकामनाएं देते हुए प्रधानमंत्री ने दोनों देशों की साझा ऐतिहासिक यात्रा को याद किया। उन्होंने सर शिवसागर रामगुलाम, सर अनिरुद्ध जगन्नाथ, मणिलाल डॉक्टर और मॉरीशस की स्वतंत्रता के लिए लड़ने वाले अन्य लोगों को श्रद्धांजलि दी और कहा कि मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होना उनके लिए सम्मान की बात है। दोनों देशों के लोगों के बीच घनिष्ठ संबंधों की नींव रखने वाली साझा विरासत और पारिवारिक संबंधों पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री ने मॉरीशस में भारतीय मूल के समुदाय द्वारा अपनी सांस्कृतिक जड़ों को संरक्षित और पोषित करने की सराहना की। इन आपसी संबंधों को और मजबूत करने के लिए मॉरीशस के लिए एक विशेष व्यवस्था की गई है, जिसके तहत मॉरीशस में भारतीय मूल के लोगों की सातवीं पीढ़ी को ओसीआई कार्ड उपलब्ध कराए जा सकते हैं। प्रधानमंत्री ने इस बात को रेखांकित किया कि भारत गिरमिटिया विरासत को पोषित करने के लिए कई पहलों का समर्थन करेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को मॉरीशस का करीबी विकास साझेदार होने का सौभाग्य मिला है। उन्होंने आगे बताया कि भारत-मॉरीशस के विशेष संबंधों ने भारत के सागर विजन और ग्लोबल साउथ के साथ इसके जुड़ाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जलवायु परिवर्तन की साझा चुनौती से निपटने के बारे में बात करते हुए उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन और वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन पहलों में मॉरीशस की भागीदारी की सराहना की। इस संदर्भ में, प्रधानमंत्री ने एक पेड़ माँ के नाम (प्लांट4मदर) पहल पर भी प्रकाश डाला, जिसके तहत उन्होंने ऐतिहासिक सर शिवसागर रामगुलाम वनस्पति उद्यान में एक पौधा लगाया। प्रधानमंत्री का पूरा संबोधन यहाँ देखा जा सकता है।
इस आयोजन में एक आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी शामिल था, जिसमें इंदिरा गांधी सेंटर फॉर इंडियन कल्चर (आईजीसीआईसी), महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट (एमजीआई) और अन्ना मेडिकल कॉलेज के कलाकारों ने प्रस्तुति दी।
नेपाल में मूसलाधार बारिश और ग्लेशियर फटने से बिहार में आई अचानक बाढ़ और गंडक…
नेपाल-तिब्बत सीमा के पास रसुवा क्षेत्र में आज सुबह भोटे कोशी नदी में अचानक आई…
मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय (एमओएफएएचएंडडी), भारत सरकार के मत्स्य पालन विभाग ने 25 अगस्त…
मानेसर, हरियाणा: भारत के यात्री परिवहन क्षेत्र से संबंधित एक अहम घटनाक्रम में, इंटरनेशनल सेंटर…
भारतीय रचनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईसीटी) और नेटफ्लिक्स ने 100 छात्रों के लिए स्कॉलरशिप की घोषणा…
भारत ने पशुपालक समुदायों के भरण-पोषण, जैव-विविधता के संरक्षण और जल व कार्बन चक्रों को…