राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मोल्दोवा के राष्ट्रपति के साथ द्विपक्षीय बैठक की और प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत का नेतृत्व किया
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आज सुबह मोल्दोवा, उत्तरी मैसेडोनिया और रोमानिया की अपनी राजकीय यात्रा के पहले चरण में मोल्दोवा की राजधानी चिशिनाउ पहुंचीं। किसी भी भारतीय राष्ट्रपति की मोल्दोवा की यह पहली यात्रा है।
इस राजकीय यात्रा पर राष्ट्रपति के साथ निमुबेन जयंतीभाई बांभणिया, उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री, डॉ. दिनेश शर्मा, राज्य सभा सांसद और विजय बघेल, लोकसभा सांसद भी गए हैं।
चिशिनाउ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पहुंचने पर, राष्ट्रपति का स्वागत मोल्दोवा गणराज्य के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री, मिहाई पॉपसोई ने किया।
बाद में, राष्ट्रपति प्रेसिडेंशियल पैलेस गईं। वहां मोल्दोवा की राष्ट्रपति माया सैंडू ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। उनका औपचारिक स्वागत किया गया और उन्हें गार्ड ऑफ़ ऑनर दिया गया। आमने-सामने की बैठक और प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत के दौरान, दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय साझेदारी के सभी पहलुओं पर सार्थक और भविष्योन्मुखी चर्चा की।
राष्ट्रपति ने कहा कि यह किसी भारतीय राष्ट्रपति की मोल्दोवा की पहली राजकीय यात्रा है। यह हमारे द्विपक्षीय संबंधों में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, और हमारे दोनों देशों के बीच बढ़ती मित्रता और आपसी विश्वास को दर्शाती है।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और मोल्दोवा तीन दशकों से मधुर और मैत्रीपूर्ण संबंध साझा करते आ रहे हैं। भौगोलिक रूप से दूर होने के बावजूद, शांति, विकास और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता के अनुरूप हमारी साझेदारी निरंतर बढ़ती रही है।
उन्होंने इस बात का उल्लेख किया कि आर्थिक सहयोग हमारी साझेदारी का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। उन्होंने व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने, आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने, कनेक्टिविटी में सुधार करने तथा अपने व्यवसायी वर्गों के बीच घनिष्ठ जुड़ाव को प्रोत्साहित करने की जरूरत पर जोर दिया।
राष्ट्रपति ने मोल्दोवा के पेशेवरों के लिए आईटीईसी ट्रेनिंग स्लॉट की संख्या दोगुनी करने के भारत के निर्णय की जानकारी दी; इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अन्य उभरती हुई प्रौद्योगिकियों के विशेष पाठ्यक्रम भी शामिल हैं। उन्होंने मोल्दोवा के राजनयिकों को भारत के विदेशी सेवा संस्थान में एआई और साइबर डिप्लोमेसी पर विशेष पाठ्यक्रमों में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया।
दोनों नेता आपसी हित के विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए, जिनमें कृषि, लॉजिस्टिक्स एवं इंफ्रास्ट्रक्चर, हैल्थकेयर एवं फार्मास्यूटिकल्स, नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नवाचार शामिल हैं। दोनों नेता एकसमान वैश्विक चुनौतियों से निपटने और एक शांतिपूर्ण, स्थिर तथा समृद्ध विश्व-व्यवस्था के निर्माण में योगदान देने के लिए मिलकर काम करते रहने पर सहमत हुए।





