राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में संथाली भाषा में भारत का संविधान जारी किया। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि यह सभी संथाली लोगों के लिए गर्व और खुशी की बात है कि भारत का संविधान अब संथाली भाषा में, ओल चिकी लिपि में उपलब्ध है। इससे वे संविधान को अपनी भाषा में पढ़ और समझ सकेंगे।
राष्ट्रपति ने कहा कि इस वर्ष हम ओल चिकी लिपि की शताब्दी मना रहे हैं। उन्होंने विधि एवं न्याय मंत्री और उनकी टीम की प्रशंसा की, जिन्होंने शताब्दी वर्ष में भारत के संविधान को ओल चिकी लिपि में प्रकाशित करवाया।
इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल शामिल थे।
संथाली भाषा, जिसे 2003 के 92वें संविधान संशोधन अधिनियम के माध्यम से संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किया गया था, भारत की सबसे प्राचीन जीवित भाषाओं में से एक है। यह झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और बिहार में बड़ी संख्या में आदिवासी लोगों द्वारा बोली जाती है।
मौसम विभाग ने आज उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ में मूसलाधार वर्षा का ऑरेंज अलर्ट जारी किया…
जम्मू-कश्मीर में वर्षा ओर खराब मौसम के कारण पहलगाम और बालतल मार्गों से श्री अमरनाथ…
हर घर तिरंगा अभियान आज से शुरू हो रहा है। यह अभियान 17 तारीख तक…
सरकार ने चार उच्च न्यायालयों में 30 नए न्यायाधीशों की नियुक्ति की अधिसूचना जारी कर…
चीन के हेफेई में 9वीं वर्ल्ड यूथ ट्रांसनेशनल चैंपियनशिप में भारत के साग्निक रॉय और…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कल अमरीका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से फोन पर बातचीत की।…