रोमन कैथेलिक चर्च के धर्मगुरू पोप फ्रांसिस का आज वेटिकन सिटी में निधन हो गया। वे 88 वर्ष के थे। पिछले कुछ हफ्तों से वे बीमार चल रहे थे। पोप फ्रांसिस पहले लातिनी अमरीकी पोप थे और वे सर्वाधिक उम्र में पोप बनने वाले व्यक्ति भी थे।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज पोप फ्रांसिस के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने उन्हें करुणा, विनम्रता और आध्यात्मिक साहस का प्रतीक बताया।
उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा: “पोप फ्रांसिस के निधन से अत्यधिक दुखी हूं। दुख और स्मरण की इस घड़ी में, मैं वैश्विक कैथोलिक समुदाय के प्रति अपनी हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। पोप फ्रांसिस को दुनिया भर के लाखों लोग करुणा, विनम्रता और आध्यात्मिक साहस के प्रतीक के रूप में हमेशा याद रखेंगे। उन्होंने अल्पायु से ही प्रभु ईसा के आदर्शों को साकार करने के लिए खुद को समर्पित कर दिया। उन्होंने गरीबों और वंचितों की लगन से सेवा की। जो लोग पीड़ित थे, उनके लिए उन्होंने आशा की भावना जगाई।
मैं उनके साथ हुई मुलाकातों को याद करता हूं और समावेशी तथा सर्वांगीण विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता से बहुत प्रेरित हुआ हूं। भारत के लोगों के प्रति उनका स्नेह हमेशा याद रखा जाएगा। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे।”
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