भारत

भारतीय पुलिस सेवा के 77 आरआर (2024 बैच) के परिवीक्षाधीन अधिकारियों ने आज राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की

भारतीय पुलिस सेवा के 77 आरआर (2024 बैच) के परिवीक्षाधीन अधिकारियों ने आज राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की। परिवीक्षाधीन अधिकारियों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि भारत दुनिया में सबसे तेज़ी से बढ़ती हुई प्रमुख अर्थव्यवस्था है। हमें अपनी आर्थिक वृद्धि को बनाए रखने और उसमें तेज़ी लाने के लिए सार्वजनिक और निजी निवेशों की लगातार बड़ी मात्रा में आवश्यकता है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि किसी भी राज्य या क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने के लिए कानून-व्यवस्था एक आवश्यक पूर्व-शर्त है। उन्होंने आगे कहा कि निवेश और विकास को बढ़ावा देने में प्रभावी पुलिसिंग आर्थिक प्रोत्साहन जितनी ही महत्वपूर्ण है। युवा अधिकारियों के नेतृत्व में एक भविष्य के लिए तैयार पुलिस बल ‘विकसित भारत’ के निर्माण में एक बहुत बड़ी भूमिका निभाएगा।

राष्ट्रपति महोदया ने कहा कि युवा अधिकारी शक्ति और अधिकार वाले पदों पर आसीन होते हैं। अतः उन्हें ध्यान रखना चाहिए कि अधिकार के साथ जवाबदेही भी आती है। उन्होंने कहा कि उनके कार्यों और आचरण की हमेशा सार्वजनिक जांच होगी। उन्हें यह याद रखना चाहिए कि वे जो नैतिक है उसे चुनें, न कि जो सुविधाजनक है। आपात स्थितियों से निपटने के दौरान भी न्यायसंगत और निष्पक्ष प्रक्रियाओं का पालन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हालांकि उन्हें कानूनों और प्रणालियों से बहुत सारी शक्तियाँ प्राप्त होती हैं, लेकिन वास्तविक अधिकार उनकी व्यक्तिगत और व्यावसायिक ईमानदारी से आएगा। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि नैतिक अधिकार उन्हें सभी का सम्मान और विश्वास दिलाएगा।

राष्ट्रपति ने कहा कि एक पुलिस अधिकारी लगभग हर समय अपराध और अपराधियों से निपटता है। इससे उन पर संवेदनहीनता का प्रभाव पड़ सकता है और उनकी मानवीयता कुंद हो सकती है। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि एक प्रभावी अधिकारी बनने की प्रक्रिया में उन्हें अपने भीतर करुणा के मूल को अक्षुण्ण रखने का विशेष प्रयास करना चाहिए।

राष्ट्रपति महोदया ने रेखांकित किया कि प्रौद्योगिकी ने पुलिसिंग के क्षेत्र को काफ़ी हद तक बदल दिया है। लगभग दस साल पहले ‘डिजिटल गिरफ़्तारी’ अभिव्यक्ति को समझना असंभव होता। वर्तमान में यह नागरिकों के लिए सबसे भयानक ख़तरों में से एक है। भारत में सबसे बड़ा और सबसे तेज़ी से बढ़ता एआई उपयोगकर्ता आधार है। इसका असर पुलिसिंग पर भी पड़ने वाला है। उन्होंने कहा कि आईपीएस अधिकारियों को एआई सहित नई प्रौद्योगिकियों को अपनाने में उन लोगों की तुलना में कई कदम आगे रहना चाहिए, जो इन प्रौद्योगिकियों का इस्तेमाल ग़लत इरादे से करेंगे।

Editor

Recent Posts

सर्वोच्च न्यायालय ने सार्वजनिक जगहों से आवारा कुत्तों को हटाने के निर्देशों में ढील देने से इनकार किया

सर्वोच्च न्यायालय ने आज सार्वजनिक स्थानों से पकड़े गए लावारिस कुत्तों को टीकाकरण या नसबंदी…

4 घंटे ago

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और वियतनाम के उप-प्रधानमंत्री एवं रक्षा मंत्री जनरल फान वान जियांग ने हनोई में द्विपक्षीय वार्ता की

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हनोई में वियतनाम के उप- प्रधानमंत्री और राष्ट्रीय रक्षा मंत्री…

4 घंटे ago

भारतीय रेलवे ने हावड़ा-दिल्ली मार्ग पर क्षमता बढ़ाने के लिए 962 करोड़ रुपये की लागत वाली 54 किलोमीटर लंबी किउल-झाझा तीसरी लाइन परियोजना को स्वीकृति दी

भारतीय रेलवे ने हावड़ा-दिल्ली कॉरिडोर पर क्षमता बढ़ाने, परिचालन क्षमता में सुधार और निर्बाध रेल…

5 घंटे ago

सरकार ने मंदिर के स्वर्ण भंडारों के मुद्रीकरण को लेकर किए गए झूठे दावों पर स्पष्टीकरण दिया

कुछ मीडिया रिपोर्ट और सोशल मीडिया पोस्ट में यह दावा किया जा रहा है कि…

5 घंटे ago

भारतीय रेलवे ने दक्षिणी रेलवे की 993 करोड़ रुपये की लागत वाली अरक्कोनम-चेंगलपट्टू दोहरीकरण परियोजना (68 किमी) को स्‍वीकृति दे दी

भारतीय रेलवे ने दक्षिणी रेलवे की 993 करोड़ रुपये की लागत वाली अरक्कोनम-चेंगलपट्टू दोहरीकरण परियोजना…

5 घंटे ago