भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी से 27.01.2026 को यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष और यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष की भारत यात्रा के दौरान यूरोपीय प्रतिभूति और बाजार प्राधिकरण (ईएसएमए) के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
इस समझौता ज्ञापन का प्राथमिक उद्देश्य ईएसएमए द्वारा क्लियरिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (सीसीआईएल) और आरबीआई द्वारा विनियमित अन्य केंद्रीय काउंटरपार्टियों को औपचारिक मान्यता प्रदान करना है।
समझौता ज्ञापन आरबीआई और ईएसएमए के बीच केंद्रीय प्रतिपक्षों (सीसीपी) के संबंध में और लागू कानूनों और विनियमों द्वारा अनुमत सीमा तक नियामक और पर्यवेक्षी प्रक्रियाओं में सहयोग करने के इरादे की अभिव्यक्ति है। आरबीआई और ईएसएमए केंद्रीय प्रतिपक्षों (सीसीपी) के संबंध में और मान्यता शर्तों के अनुपालन की निगरानी के लिए एक-दूसरे से परामर्श, सहयोग और सूचनाओं का आदान-प्रदान करेंगे। अपनी जिम्मेदारियों और उद्देश्यों की पूर्ति में, ईएसएमए आरबीआई के नियामक ढांचे और पर्यवेक्षण पर उचित रूप से निर्भर रहेगा, यह मानते हुए कि आरबीआई भारत में अपने पर्यवेक्षण के तहत आने वाले सीसीपी की सुदृढ़ता के लिए जवाबदेह है।
यह समझौता ज्ञापन कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है, न ही कोई अधिकार प्रदान करता है और न ही किसी घरेलू कानून को निरस्त करता है। यह समझौता ज्ञापन अधिकारियों द्वारा हस्ताक्षर किए जाने की तिथि से प्रभावी है और अनिश्चित काल तक लागू रहेगा।
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