भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने कहा है कि डिजिटलीकरण वित्तीय स्थिरता के लिए आवश्यक अधिक महत्वपूर्ण और परस्पर संबंधित वित्तीय प्रणाली तैयार कर सकता है। बैंक ने आज वर्ष 2023-24 के लिए मुद्रा और वित्त पर एक रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में केंद्रीय बैंक ने कहा कि उपभोक्ताओं और वित्तीय मध्यस्थों के व्यवहार में डिजिटलीकरण परिवर्तनों का मौद्रिक नीति पर प्रभाव पड़ सकता है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि डिजिटलीकरण मुद्रास्फीति और आउटपुट गतिशीलता और मौद्रिक नीति संचरण को विभिन्न तरीकों से प्रभावित कर सकता है। रिपोर्ट के अनुसार डिजिटल युग भारत को एक उभरती बाजार अर्थव्यवस्था से एक उन्नत अर्थव्यवस्था में बदलने में तेजी लाने के लिए अपार अवसर प्रदान करता है।
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