भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकों और अन्य विनियमित ऋणदाताओं को गैर-व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए व्यक्तियों द्वारा लिए गए फ्लोटिंग रेट ऋण पर पूर्व-भुगतान जुर्माना लगाने से प्रतिबंधित कर दिया है। ऋण पर पूर्व-भुगतान शुल्क संबंधी नया नियम, 2025 अगले वर्ष से प्रभावी होगा। इसका उद्देश्य पारदर्शिता और उधारकर्ताओं के लचीलेपन को बढ़ावा देना है। यह निर्देश भुगतान बैंकों, सहकारी बैंकों, एनबीएफसी और अखिल भारतीय वित्तीय संस्थानों को छोड़कर वाणिज्यिक बैंकों पर लागू होगा।
छूट इस बात पर ध्यान दिए बिना लागू होती है कि ऋण पूरी तरह से या आंशिक रूप से चुकाया गया है, धन का स्रोत या सह-दायित्वकर्ता मौजूद हैं। इसमें दोहरे और विशेष दर वाले ऋण भी शामिल हैं, यदि वे पुनर्भुगतान के समय फ्लोटिंग दर पर हैं। कोई न्यूनतम लॉक-इन अवधि की आवश्यकता नहीं है।
केन्द सरकार ने आज प्रौद्योगिकी-सक्षम और नागरिक-केंद्रित शासन सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि…
भारत और मोज़ाम्बिक ने 1-2 अप्रैल, 2026 को मोज़ाम्बिक के मापुटो में संयुक्त रक्षा कार्य…
सार्वजनिक क्षेत्र की सबसे बड़ी इस्पात उत्पादक कंपनी, स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) ने…
भारत की सबसे बड़ी लौह अयस्क उत्पादक और खनन कंपनी राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी)…
रशियन फेडेरेशन की फेडरल एसेम्बली की फेडेरेशन काउंसिल के फर्स्ट डेप्युटी स्पीकर व्लादिमिर याकुशेव के…
सर्वोच्च न्यायालय ने पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण-एस.आई.आर.…