भारत

खरीफ सीजन से पहले उर्वरकों का रिकॉर्ड स्टॉक: मांग के मुकाबले 51% भंडार सुरक्षित, कीमतें नहीं बढ़ेंगी

देश में उर्वरकों की सुरक्षा व्यवस्था वर्तमान में सुदृढ़, स्थिर और बेहतर ढंग से प्रबंधित है, जिसके कारण सभी प्रमुख उर्वरकों की उपलब्धता मांग से लगातार अधिक बनी हुई है। आगामी खरीफ 2026 सीजन के लिए कृषि एवं किसान कल्याण विभाग (DA&FW) ने कुल 390.54 लाख मीट्रिक टन (LMT) उर्वरक की आवश्यकता का अनुमान लगाया है।

इस मांग के मुकाबले, आज की तिथि में देश के पास 199.65 लाख मीट्रिक टन का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, जो कुल आवश्यकता का 51% से भी अधिक है। यह स्टॉक सामान्यतः रहने वाले 33% के स्तर से काफी अधिक है, जो सरकार की बेहतर योजना, अग्रिम भंडारण और कुशल लॉजिस्टिक्स प्रबंधन को दर्शाता है।

संकट के बाद घरेलू उत्पादन और आयात की स्थिति (लाख टन में)

पश्चिम एशिया में चल रहे हालिया संकट की स्थिति के बाद देश में कुल 97 लाख मीट्रिक टन उर्वरक की अतिरिक्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। घरेलू उत्पादन ने इसमें 76.78 लाख टन का योगदान दिया, जबकि 19.94 लाख टन उर्वरक आयात के जरिए भारतीय बंदरगाहों पर पहुंचा है।

उत्पादसंकट के बाद
घरेलू उत्पादन
बंदरगाहों पर
पहुंचा आयात
यूरिया46.2812.51
डीएपी (DAP)6.200.76
एनपीके (NPKs)15.573.79
एसएसपी (SSP)8.730
एमओपी (MOP)02.88
कुल76.7819.94

भारत ने मई और जून के दौरान भारतीय बंदरगाहों पर पहुंचने के लिए स्टॉक-ऑन-हैंड (SOH) से लगभग 7 लाख टन एनपीके (NPKs) भी सुरक्षित कर लिया है।

वैश्विक निविदाएं और भविष्य की तैयारी

पीक सीजन के दौरान पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भारतीय उर्वरक कंपनियों ने 12 लाख टन डीएपी, 4 लाख टन टीएसपी और 3 लाख टन अमोनियम सल्फेट की खरीद के लिए वैश्विक निविदाएं (ग्लोबल टेंडर) जारी की हैं। इसके अलावा, उर्वरक उत्पादन के कच्चे माल के लिए 5.36 लाख टन अमोनिया और 5.94 लाख टन सल्फर की निविदा प्रक्रिया भी प्रगति पर है।

कीमतें स्थिर, सब्सिडी का समय पर भुगतान

किसानों के लिए बड़ी राहत की बात यह है कि प्रमुख उर्वरकों के अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) में कोई बदलाव नहीं किया गया है। उर्वरक विभाग नियमित रूप से कंपनियों द्वारा उठाए गए सब्सिडी बिलों का साप्ताहिक आधार पर भुगतान कर रहा है। उपलब्धता की चुनौतियों से निपटने के लिए सचिवों के अधिकार प्राप्त समूह (EGoS) की अब तक 8 बैठकें हो चुकी हैं।

भारत सरकार के प्रभावी प्रयासों से देश में घरेलू उत्पादन में लगातार वृद्धि हो रही है। देश में उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है, जिससे किसानों को किफायती दरों पर उर्वरक आसानी से उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

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