भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) की अध्यक्ष माधबी पुरी बुच और उनके पति धवल बुच ने शॉर्ट-सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च के आरोपों का खंडन किया है। अमेरिकी निवेश अनुसंधान फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च का आरोप है कि माधबी पुरी बुच और धवल बुच के पास अदानी समूह से जुड़ी अपतटीय यानी ऑफ-शोर संस्थाओं में हिस्सेदारी है।
माधबी पुरी बुच ने एक बयान में कहा कि उनका जीवन और आय पहले से ही सार्वजनिक है। उन्होंने कहा कि विगत वर्षो में सेबी को हर जरूरी दस्तावेज सौंपे जा चुके हैं। सेबी प्रमुख और उनके पति ने कहा कि उन्हें आगे भी किसी भी तरह के वित्तीय दस्तावेज को सार्वजनिक करने में कोई झिझक नहीं होगी और उन दस्तावेज़ की भी जांच की जा सकती है, जब वे सेबी से जुड़े नहीं थे।
हिंडनबर्ग ने 2015 के निवेश का हवाला दिया। माधबी बुच की सेबी के पूर्णकालिक सदस्य के रूप में 2017 में नियुक्ति की गई थी। उन्हें 2022 में सेबी का अध्यक्ष बनाया गया था।
बंगलादेश क्रिकेट टीम के भारत में आईसीसी टी-20 विश्वकप से हटने के कारणों की जांच…
अमेरिका और ईरान के बीच कमजोर संघर्ष विराम के लाईफ सपोर्ट पर होने के राष्ट्रपति…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम एशिया संकट के बीच विदेशी मुद्रा की बचत के लिए…
विदेश मंत्रालय में अपर सचिव प्रशांत पिसे को ओमान में भारत का अगला राजदूत नियुक्त…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार से पांच देशों की यात्रा पर रवाना होंगे। पहले चरण में…
भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) के चौथे, पांचवें और छठे एयर कुशन व्हीकल (एसीवी) का ‘गर्डर…