भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) की अध्यक्ष माधबी पुरी बुच और उनके पति धवल बुच ने शॉर्ट-सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च के आरोपों का खंडन किया है। अमेरिकी निवेश अनुसंधान फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च का आरोप है कि माधबी पुरी बुच और धवल बुच के पास अदानी समूह से जुड़ी अपतटीय यानी ऑफ-शोर संस्थाओं में हिस्सेदारी है।
माधबी पुरी बुच ने एक बयान में कहा कि उनका जीवन और आय पहले से ही सार्वजनिक है। उन्होंने कहा कि विगत वर्षो में सेबी को हर जरूरी दस्तावेज सौंपे जा चुके हैं। सेबी प्रमुख और उनके पति ने कहा कि उन्हें आगे भी किसी भी तरह के वित्तीय दस्तावेज को सार्वजनिक करने में कोई झिझक नहीं होगी और उन दस्तावेज़ की भी जांच की जा सकती है, जब वे सेबी से जुड़े नहीं थे।
हिंडनबर्ग ने 2015 के निवेश का हवाला दिया। माधबी बुच की सेबी के पूर्णकालिक सदस्य के रूप में 2017 में नियुक्ति की गई थी। उन्हें 2022 में सेबी का अध्यक्ष बनाया गया था।
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