भारतीय तटरक्षक बल के पहले नई पीढ़ी के अपतटीय गश्ती जहाज (एनजीओपीवी) के निर्माण की प्रारंभिक प्रक्रिया शुरू करने के लिए स्टील-कटिंग समारोह मुंबई के मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड में 31 मई, 2024 को भारतीय तटरक्षक (आईसीजी) अधिकारियों की उपस्थिति में मुंबई के मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (एमडीएल) में आयोजित हुआ। रक्षा मंत्रालय ने दिसंबर 2023 में 1,614.89 करोड़ रुपये की कुल लागत से भारतीय तटरक्षक बल के लिए छह एनजीओपीवी की खरीद के उद्देश्य से मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड के साथ एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए थे। इस परियोजना का उद्देश्य तटीय एवं अपतटीय गश्ती कार्य में क्षमताओं को बढ़ाना, समुद्री क्षेत्रों की सुरक्षा करना और परिचालन दक्षता को बढ़ाना है।
नई पीढ़ी के अपतटीय गश्ती जहाज अत्याधुनिक मशीनरी और उपकरणों से सुसज्जित हैं। यह पोत दो डीजल इंजनों द्वारा संचालित है, जो 23 नॉट की अधिकतम निरंतर गति प्राप्त करने तथा 5,000 समुद्री मील तक की दूरी तय करने में सक्षम हैं। इनमें एकीकृत दोहरे इंजन वाली हेलीकॉप्टर सुविधाएं और भारी हेलीकॉप्टरों के लिए स्थान उपलब्ध हैं, जिससे तीव्र व प्रभावी हवाई निगरानी तथा प्रतिक्रिया क्षमताएं संभव हो पाती हैं। बहुउद्देशीय ड्रोन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता क्षमताओं और वायरलेस नियंत्रित दूरस्थ जल बचाव यान जैसी उन्नत सुविधाओं से युक्त एनजीओपीवी तटरक्षक बल को अद्वितीय लचीलापन व परिचालन क्षमता प्रदान करते हैं।
इस जहाज की डिलीवरी मई, 2027 तक होनी है और यह परियोजना में शामिल भारतीय तटरक्षक बल, मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड तथा अन्य हितधारकों के सहयोगात्मक प्रयासों का प्रमाण है। नई पीढ़ी के अपतटीय गश्ती जहाज निर्माण की परियोजना आत्मनिर्भरता और स्वदेशी विनिर्माण के प्रति राष्ट्र की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करती है।
भारत 16 से 20 फरवरी, 2026 तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में इंडिया एआई…
दिल्ली उच्च न्यायालय ने आज राष्ट्रीय राजधानी में लापता लोगों के मामलों से संबंधित एक…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कनाडा में गोलीबारी की घटना में अपनों को खोने वाले परिवारों…
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने हरियाणा के गुरुग्राम के डीएलएफ फेज-तीन इलाके में एक निर्माणाधीन…
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स के थांगस्काई क्षेत्र में 5…
भगवान बुद्ध के पवित्र देवनीमोरी अवशेष आज श्रीलंका से भारत वापस लाए गए। ये अवशेष…