वित्तीय वर्ष 2023-24 में रिकॉर्ड उत्पादन स्तर पर पहुंचने के बाद, वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान देश में कुछ प्रमुख खनिजों के उत्पादन में निरंतर मजबूत वृद्धि देखी गई है। मूल्य के हिसाब से कुल एमसीडीआर खनिज उत्पादन में लौह अयस्क का हिस्सा लगभग 70 प्रतिशत है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में लौह अयस्क का उत्पादन 274 मिलियन मीट्रिक टन (एमएमटी) था।
अनंतिम आंकड़ों के अनुसार, लौह अयस्क का उत्पादन वित्तीय वर्ष 2023-24 (अप्रैल-सितंबर) में 128 एमएमटी से बढ़कर वित्तीय वर्ष 2024-25 (अप्रैल-सितंबर) में 135 एमएमटी हो गया है, जो 5.5 प्रतिशत की अच्छी वृद्धि दर्शाता है। मैंगनीज अयस्क का उत्पादन वित्तीय वर्ष 2024-25 (अप्रैल-सितंबर) में 6.2 प्रतिशत बढ़कर 1.7 एमएमटी हो गया है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान 1.6 एमएमटी था।
अलौह धातु क्षेत्र में, वित्तीय वर्ष 2024-25 (अप्रैल-सितंबर) में प्राथमिक एल्युमीनियम उत्पादन में पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 1.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो वित्तीय वर्ष 2023-24 (अप्रैल-सितंबर) में 20.66 एलटी से बढ़कर वित्तीय वर्ष 2024-25 (अप्रैल-सितंबर) में 20.90 लाख टन (एलटी) हो गया। इसी तुलनात्मक अवधि के दौरान, परिष्कृत तांबे का उत्पादन 2.39 एलटी से 4.6 प्रतिशत बढ़कर 2.50 एलटी हो गया है।
भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा एल्युमीनियम उत्पादक, परिष्कृत तांबे में शीर्ष-10 उत्पादकों में से एक और दुनिया में चौथा सबसे बड़ा लौह अयस्क उत्पादक है। चालू वित्तीय वर्ष में लौह अयस्क के उत्पादन में निरंतर वृद्धि उपयोगकर्ता उद्योग यानी इस्पात में मजबूत मांग की स्थिति को दर्शाती है। एल्युमीनियम और तांबे में वृद्धि के साथ, ये वृद्धि रुझान ऊर्जा, बुनियादी ढांचे, निर्माण, ऑटोमोटिव और मशीनरी जैसे उपयोगकर्ता क्षेत्रों में निरंतर मजबूत आर्थिक गतिविधि की ओर संकेत करते हैं।
नेपाल में बालेंद्र शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी-आरएसपी संसदीय चुनाव में प्रचंड जीत हासिल करने…
आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस है। इस वर्ष का विषय है- महिलाओं और बालिकाओं के लिए…
11वां रायसीना संवाद कल नई दिल्ली में संपन्न हो गया। तीन दिन के इस कार्यक्रम…
टी-ट्वेंटी क्रिकेट विश्व कप का फाइनल आज अहमदाबाद में वर्तमान चैंपियन भारत और न्यूजीलैंड के…
सरकार पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में लगातार बदलती स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा राष्ट्रपति जी के अपमान और संथाल संस्कृति…